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💢रिसीव क्लिक💢वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:56 AM IST
️साप्ताहिक डाउनलोड,सारजिले में नकली सोना देकर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। मामले में डूंगरपुर निवासी पीड़ित ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बहरहाल मामले में आगे की जांच की जा रही है।
Budget 2026खुदरा महंगाई दर में उछाल'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'IND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीयूपीहोटल में ठहरे थे विधवा और उसका बॉयफ्रेंड
सुपर लाइक, बुरहानपुर में बुधवार देर शाम शिकारपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक महिला की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से ही हिंदू एवं दलित संगठनों ने मिलकर थाने का घेराव कर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया था। इसके साथ ही गुरुवार को बुरहानपुर बंद का एलान भी किया गया था। इसके चलते सुबह से ही शहर में बंद की स्थिति देखने को मिली। शहर के सभी मुख्य चौक चौराहों के साथ ही गलियों में भी बंद का असर रहा। हालांकि इस दौरान कुछ दुकानें खुली दिखीं। जिन्हें भी संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा बंद कराया गया। दुकान बंद कराने पहुंचे कार्यकर्ता आरोपी को फांसी दो के नारे लगा रहे थे।
बेमेतरा जिले में एक सड़क हादसे में सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई है। बच्ची अपनी मां के साथ थी व बस से उतर कर सड़क की दूसरी ओर जा रहीं थी। तभी तेज रफ्तार कार चालक ने इन लोगों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। यह हादसा बेमेतरा के पास नेशनल हाईवे स्थित ग्राम ओड़िया में हुआ है। मिली जानकारी अनुसार मां पुष्पा निर्मलकर व उसकी दो बेटी मुस्कान निर्मलकर 13 वर्ष, सिद्धि निर्मलकर 7 वर्ष बेमेतरा से बस में बैठकर ग्राम ओड़िया पहुंचे।
सुन्हाणी में आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में दमखत दिखाती खिलाड़ी। स्रोत: आयोजक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:आशुतोष प्रताप सिंहUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:22 AM IST
सिल्वर विथड्रॉ, विस्तारFollow Usकभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
विज़िट बोनस संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। रौबदार कद काठी, भारी आवाज और चेहरे पर ताव देती मूंछे, यही कभी पुलिस की पहचान हुआ करती थी। खास तौर पर मूंछ का पुलिस में विशेष महत्व होता था। मूंछों को मेंटेन करने के लिए विभाग में इसके लिए अलग से भत्ता तक दिया जाता है लेकिन चंदौली जिले में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक एक भी पुलिसकर्मी ऐसा नहीं हो जो मूंछों को ताव देता हो।
पुराना सर्वे, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Tue, 30 Sep 2025 08:27 AM IST







