ऑफर रिवॉर्ड्स
डाउनलोड
मासिक इंस्टेंट, Inc
गोल्ड गेट
💢विज़िट💢बालोतरा जिले के सिणधरी थाना क्षेत्र से रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बताया जा रहा है कि भाटा गांव की सरहद में एक प्रेमी युगल ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। राह से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों ने पेड़ पर एक साथ लटके दो शव देखे तो उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में जंगल की आग की तरह फैल गई और लोग मौके पर जमा होना शुरू हो गए।
️विन इनाम,अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगराPublished by:धीरेन्द्र सिंहUpdated Tue, 13 Jan 2026 09:11 AM IST
रिसीव इनवाइट, बागेश्वर के कपकोट-भराड़ी में उत्तरायणी कौतिक की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। केदारेश्वर मैदान में झूले-चरखे लगने लगे हैं। पहली बार मेले में चांचरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। विजेता टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में मिलेंगे। मेले के आयोजन स्थल केदारेश्वर मैदान में दुकानें लगने लगी हैं। भराड़ी के मां बाराही मंदिर में मंच सज्जा का काम चल रहा है। इस साल नगर पंचायत ने मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए विशेष रूप से ऊंट भी मंगाया है। क्षेत्रवासी मेले के दौरान ऊंट की सवारी का लुत्फ उठाएंगे।
मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:48 AM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अलीगढ़ मुस्लिम विश्व्विद्यानलय के प्रौढ ़शिक्षा एवं सतत विस्तार केन्द्र ने भारत ज्ञान विज्ञान समीति के सहयोग से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर कला संकाय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। जिसमें मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली सहित देश के नौ राज्यों से लगभग 40 प्रतिभागियों ने मंथन किया।
ट्रांसफर, सारमध्यप्रदेश में घना कोहरा और शीतलहर का असर जारी है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कम विजिबिलिटी के कारण यातायात और रेल सेवाएं प्रभावित हैं। तेज ठंड को देखते हुए 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी और कुछ जिलों में समय बदला गया है।
डिस्काउंट वेरिफाई
क्लिक फ्रेंड्स, अमेठी सिटी। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर परिश्रम, अनुशासन और नवाचार से पहचान बनाना आसान नहीं होता। इस कठिन राह पर चलते हुए अर्चना मौर्या ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया और सफलता का मुकाम हासिल किया। वर्ष 2009 में सीतापुर में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के साथ उनका शैक्षिक सफर शुरू हुआ। वर्ष 2012 में जनपद अमेठी में स्थानांतरण के बाद उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।







