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💢पॉइंट्स लाइक💢नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पहली बार किसी महिला नक्सली ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। नक्सली गतिविधियों से चार दशक से अधिक समय से जूझ रहे इस जिले के लिए यह एक अहम घटना मानी जा रही है। 1992 के बाद यह पहली बार है कि किसी अन्य राज्य के नक्सली ने मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
️गेट डिस्काउंट,विस्तारFollow Usएलन करियर इंस्टीट्यूट की ओर से प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए देश की बड़ी परीक्षाओं में से एक एलन टैलेंटेक्स प्रतिभावान स्टूडेंट्स को आगे लाने, उनके करियर को संवारने के लिए सशक्त मंच है। इस परीक्षा में शामिल होकर स्टूडेंट्स कोचिंग शुल्क में रियायत पाकर सपने पूरे कर सकते हैं। शुरुआत से अब तक एलन टैलेंटेक्स में 18.25 लाख स्टूडेंट्स शामिल हो चुके हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में होने वाली इस परीक्षा में कक्षा 5 से 10 तक के स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं। परीक्षा 5 व 12 अक्टूबर को होगी। 30 जून तक आवेदन करने वाले स्टूडेंट्स को रजिस्ट्रेशन फीस में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
एक बार फिर मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से आया अफ्रीकी चीता राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा से सटे जिले के किशनगंज इलाके में दिखाई दिया है। बताया जा रहा है कि चीता KP-2 किशनगंज रेंज के जंगलों में प्रवेश कर गया है, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल दोनों राज्यों के वन विभाग की टीमें चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और उसे ट्रैक कर रही हैं।
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बोर्ड परीक्षा–2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक
शहर के पुरानी घासमंडी के पास अमृत भवन में संगीतमयी लोहड़ी व मकर संक्रांति पर्व के उपलक्ष्य में
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सिल्वर विथड्रॉ बागेश्वर के मनकोट गांव की बुजुर्ग महिला की मौत को लेकर बना रहस्य अब पूरी तरह साफ हो गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद वन विभाग ने पुष्टि की है कि महिला की मौत वन्यजीव के हमले के कारण ही हुई थी। इस खुलासे के बाद वन विभाग ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
बालोद जिले को देश के पहले नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन की कमान मिली है, जो कि नौ जनवरी से शुरू होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बच्चे इस जंबूरी में पहुंचकर काफी खुश हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें ये उनका दूसरा घर जैसा लग रहा है और समय पर खाना और एक अच्छी व्यवस्था मिल रही है। यहां पर सुवा और डंडा नृत्य के लिए विशेष प्रशिक्षण नौ हजार बच्चों द्वारा किया जा रहा है, जिसके प्रस्तुति वे आयोजन के दौरान देंगे।
वीआईपी इनवाइट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:44 AM IST







