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💢इनाम ऑनलाइन💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 09:01 PM IST
️नया कमेंट,जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 09:08 AM IST
प्रीमियम अर्न, चंबा। पांगी घाटी में इस बार जुकारू उत्सव 18 फरवरी को शुरू होगा। हालांकि 22 फरवरी यह आधिकारिक रूप से मनाया जाएगा। इसके सफल आयोजन को लेकर रविवार को पांगी कल्याण संघ इकाई की बैठक में चर्चा की गई। संघ के अध्यक्ष भगत बडोतरा ने बताया कि जुकारू कमेटी का चयन भी कर लिया गया है। बैठक में पांगी के दो ज्वलंत मुद्दे, जिसमें अलग विधानसभा की मांग और चेहनी पास सुरंग के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। साथ ही चंबा में बनने वाले पांगी भवन के निर्माण को लेकर सदस्यों ने विचार-विमर्श किया। इन सभी मांगों को लेकर संघ जल्द ही केंद्र व प्रदेश सरकार के ध्यान में लाएगा। इस मौके पर बंसी ठाकुर, राम लोक ठाकुर, लेख राज ठाकुर, प्रेम लाल ठाकुर और वीआर भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।चंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवादचंबा के उदयपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की गुणवत्ता जांचते बीडीओ महेश।संवाद
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:49 PM IST
प्लेटिनम लॉग इन, नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा शामिल हुए। ने मध्यप्रदेश का पक्ष रखा। उन्होंने बैठक में मध्य प्रदेश का पक्ष रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं और केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं और प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन लगातार बेहतर हुआ है। देवड़ा ने वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं और उनकी सुविधा के लिए सड़क, घाट, पुल, ठहरने की व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं का विकास जरूरी है। इसके लिए पहले ही 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं।
इंस्टेंट रजिस्टर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 17 Nov 2025 09:59 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:18 AM IST
टास्क, सारप्रतिमा को सड़क के गड्ढों और ढलान के कारण असंतुलित होकर गिरना बताया गया। प्रशासन की ओर से केवल 10 फीट प्रतिमा की अनुमति होने के बावजूद 15 फीट ऊंची प्रतिमा बनाई गई थी।







