स्टूडेंट ट्रांसफर
गोल्ड फ्रेंड्स
कलेक्ट लाइक, Inc
इंस्टेंट इनवाइट
💢डिस्काउंट कैश💢
️ऑफर,सारAjmer:अजमेर देहात कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा में बजट कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी और रोजगार की कमी के विरोध में नसीराबाद में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय उपवास आयोजित किया। इस मौके पर विधायक विकास चौधरी और शिवप्रकाश गुर्जर उपस्थित रहे।
संवाद न्यूज एजेंसी, आगराUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:39 AM IST
डिपॉजिट, अल्मोड़ा में उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की प्रसिद्ध राजमा पर जलवायु परिवर्तन और मौसम का असर पड़ा है। एक दशक पहले तक जहां 1450-1800 मीटर की ऊंचाई पर राजमा की खेती होती थी, वहीं अब वर्तमान में 1800-2400 मीटर की ऊंचाई पर इसकी पैदावार हो रही हैं। एसएसजे परिसर अल्मोड़ा, कुमाऊं विवि और गढ़वाल केंद्रीय विवि के संयुक्त शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारकानपुर नगर के सीसामऊ से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की गैंगस्टर के तहत दर्ज मुकदमे की कार्रवाई रद्द करने की मांग में दायर अर्जी पर बहस पूरी हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है।
संवाद न्यूज एजेंसी, आगराUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:50 AM IST
साप्ताहिक रिवॉर्ड्स, TOP NewsBangladeshUSमंत्री विक्रमादित्य की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UP
साइन अप औरैया। एसआईआर में बीएलओ के तौर पर ड्यूटी से किनारा करने वाले शिक्षक अब पूरी ताकत से जुट गए हैं। यह सकि्रयता तब सामने आई है, जब पांच शिक्षकों के दिलचस्पी न लेने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। कार्रवाई से बचने के लिए अब अन्य 16 शिक्षकों ने बीएलओ का कार्य शुरू कर दिया है।
अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:राहुल तिवारीUpdated Thu, 11 Dec 2025 12:28 PM IST
वीआईपी सर्वे, विस्तारFollow Usअरावली पर्वतशृंखला के संरक्षण को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट की हालिया व्याख्या के आधार पर अपनाई जा रही 100 मीटर ऊंचाई संबंधी प्रशासनिक नीति पर पुनर्विचार की मांग की है। विधायक ने इसे केवल कानूनी व्याख्या का विषय नहीं, बल्कि उत्तर भारत के पर्यावरणीय भविष्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न बताया है।







