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️वीआईपी ऐप,छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों और सशस्त्र माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो माओवादियों के शव बरामद हुए हैं। यह घटना जिले के दक्षिणी क्षेत्र में हुई, जहां सुरक्षा बलों ने माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर एक सघन तलाशी अभियान शुरू किया था।
मूर्ति अनावरण समारोह में पहुंचे सचिन पायलट- फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर (चंपावत)। खिरद्वारी के वनराजी जनजाति के लोगाें को सड़क से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए खर्राटाक होकर गंगसीर तक सड़क बनेगी। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत विभागीय टीम ने सर्वे कार्य तेज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि सात किलोमीटर तक सर्वे पूरा हो गया है। गंगसीर तक सड़क की कुल लंबाई करीब 20 किमी होने की संभावना जताई गई है।
सारएसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब नेशनल बैंक की भुसावर शाखा में कृषि लोन पास कराने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में बैंक के एग्रीकल्चर मैनेजर और उसके रिश्तेदार को डेढ़ लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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शेयर, विस्तारFollow Usगुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित एक राष्ट्रीय साहित्य परिसंवाद विवादों में घिर गया। हिंदी विभाग द्वारा साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय "समकालीन हिंदी कहानी: बदलते जीवन संदर्भ" था। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल हुए थे।
नया कूपन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Thu, 01 Jan 2026 09:30 AM IST
चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
विशेष मोबाइल, दिल्ली में आयोजित मिस्टर यूनिवर्स में हासिल की तीसरी रैंक।- फोटो : अमर उजाला







