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इंस्टेंट इनाम, मूर्ति अनावरण समारोह में पहुंचे सचिन पायलट- फोटो : अमर उजाला
विस्तारFollow Usभिंड जिले के लहार थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। नानपुरा गांव के पास टूटी हुई पुलिया से गुजरते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर नहर में गिर गया। इस हादसे में ट्रैक्टर के नीचे दबने से 3 किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। ये तीनों यूपी से अपनी धान की फसल बेचकर लौट रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकलवाया और हॉस्पिटल भिजवाया।
राजस्थान के सीकर, भरतपुर, बांसवाड़ा और जयपुर समेत कई जिलों में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। अब तक कम से कम 2 मासूमों की जान जा चुकी है और कई की हालत बिगड़ी हुई है। सिरप पीने के बाद उल्टी, दस्त, सांस लेने में तकलीफ और किडनी फेलियर जैसे लक्षण सामने आए। अभिभावकों का कहना है कि यह दवा सरकारी डॉक्टरों की सलाह पर दी गई थी।
चंबा। चंबा जिले में इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चार्जिंग स्टेशन चुवाड़ी और भंजराडू में लगाए जाएंगे। साथ ही एचआरटीसी के चंबा डिपो की वर्कशॉप में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए जगह बनाई जा रही है।
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बोनस लॉग इन विस्तारFollow Usप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत को सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025' लाया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और गांवों को विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता शिवनारायण पांडे ने बीजापुर में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि यह पहल किसानों से लेकर मजदूरों तक सभी को सशक्त करेगी। उन्होंने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद श्री मोदी द्वारा गरीबों को समर्पित सरकार की बात दोहराई और घर-घर बिजली, शौचालय, आवास व जनधन खातों जैसी योजनाओं का उल्लेख किया।
सारबीजापुर में धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों को टोकन और खरीदी की गति को लेकर समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। जिला कांग्रेस कमेटी ने नैमेड केंद्र में धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की।
वेरिफाई रजिस्टर, विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







