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💢वेरिफाई गेट💢सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण से नवजात को हायर सेंटर ले जाने के दौरान उसके रास्ते में मौत हो जाने से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल पहुंच कर सांकेतिक तालाबंदी की। उन्होंने नारे लगा कर विरोध जताया। सूचना मिलने पर एसडीएम याक्षी अरोड़ा मौके पर पहुंची। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।
️कैश डिस्काउंट,साररामनगर थाना क्षेत्र के सेमरा के पास ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार सोनू सिंह पाव (24) की मौके पर मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने आधे घंटे तक सड़क जाम कर मुआवजे की मांग की। पुलिस ने समझाइश देकर जाम खत्म कराया और आरोपी चालक पर मामला दर्ज किया।
वीडियो इनवाइट, विस्तारFollow Usराजस्थान में कोहरा कम होने के बाद बर्फीली हवाओं का असर और तेज हो गया है। गुरुवार को प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे कई जगह सीजन की सबसे सर्द रात रही। सबसे ठंडा शहर सीकर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रेगिस्तानी जिलों में भी कड़ाके की सर्दी का असर दिखा। जैसलमेर में इस सीजन पहली बार न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने गुरुवार को राज्य के 18 जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 4 जिलों में शीतलहर को लेकर चेतावनी दी गई है। 10 और 11 जनवरी को भी सर्दी का असर बने रहने की संभावना है। कड़ाके की ठंड के चलते 25 जिलों में स्कूलों में अवकाश रहेगा।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार तड़के कुछ लोगों ने जज को जान से मारने की धमकी दी, साथ ही उनके आवास पर पथराव भी किया। जिससे जज के परिवार में भय का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
भाटापारा शहर और ग्रामीण क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सबसे बड़ा कारण अवैध शराब कारोबार बनता जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाटापारा और इसके आसपास के क्षेत्रों में लगभग 150 से अधिक लोग अवैध शराब के कारोबार में सक्रिय रूप से लिप्त हैं। इन अवैध शराब कोचियों और माफियाओं के कारण क्षेत्र में चोरी, झगड़े, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हो रही है।
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पैसे इनाम, सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।







