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💢मासिक कलेक्ट💢सऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शव को भारत लाने के लिए इंतजार कर रहे मृतक के परिवारजनों का इंतजार एक महीने बाद खत्म हुआ है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि संसदीय क्षेत्र के बालोतरा जिले के सोहड़ा (गिड़ा) निवासी युवक स्व.रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्तूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज) एवं रोशन अली (जाजवा, गिड़ा) के साथ रोजगार हेतु अरब के दोहा (क़तर) गया था। दुर्भाग्यवश 17 नवंबर 2025 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय पुलिस कार्रवाई एवं मेडिकल पोस्टमार्टम की लंबी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में अत्यधिक विलंब हुआ।
️इंस्टेंट ऑनलाइन,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Wed, 05 Nov 2025 10:47 PM IST
इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत विशेष है। 14 जनवरी को 11 वर्षों के बाद मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का महासंयोग बन रहा है। इससे पहले यह दुर्लभ योग वर्ष 2015 में बना था। ऐसी मान्यता है कि यह महासंयोग सभी बिगड़े कार्यों को बनाने वाला और अविवाहित जातकों के लिए वरदान सिद्ध होने वाला है।
दैनिक डिपॉजिट, लांजी क्षेत्र के चौंदाटोला गांव में छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद गहरा गया। शुक्रवार रात प्रतिमा स्थल के कॉलम तोड़े जाने से कुनबी और मरार समाज आमने-सामने आ गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात नियंत्रित किए और गांव में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
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विस्तारFollow Usआगरा के थाना एकता के नौफरी में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। महिला के पति और ससुरालीजन शव छोड़कर भाग गए। पड़ोसियों ने फोन कर मायके वालों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कलेक्ट इंस्टेंट,
पैसे स्टूडेंट हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:31 PM IST
कहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।
पॉइंट्स पॉइंट्स, संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:22 PM IST







