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💢मेगा सब्सक्राइब💢संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:45 PM IST
️प्लेटिनम कैश,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Sun, 02 Nov 2025 07:48 PM IST
विस्तारFollow Usराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बरेली छावनी परिषद (कैंट बोर्ड) की ओर से सोमवार को मिनी मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। कैंट स्थित मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, लेफ्टिनेंट जनरल जीओसी डीजी मिश्रा और छावनी परिषद की सीईओ डॉ. तनु जैन ने हरी झंडी दिखाकर मिनी मैराथन की शुरुआत की।
लॉग इन सब्सक्राइब, अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्याPublished by:भूपेन्द्र सिंहUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:18 AM IST
विस्तारFollow Usजिन मरीजों के दिल में माइट्रल वॉल्व लीकेज होता है, उनके लिए ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) प्रोसीजर एक बेहतर विकल्प हो सकता है। TEER कम से कम चीरा लगाकर (इनवेसिव) उपचार का तरीका है। यह उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है, जो माइट्रल वॉल्व लीकेज (Mitral Valve Leakage) के गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं। यह मौजूदा समय में माइट्रल वॉल्व लीकेज के लिए इलाज की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Sun, 07 Dec 2025 11:22 PM IST
पुराना ईज़ी,
शेयर स्टूडेंट सारइस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत विशेष है। 14 जनवरी को 11 वर्षों के बाद मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का महासंयोग बन रहा है। इससे पहले यह दुर्लभ योग वर्ष 2015 में बना था।
बांदा। भूलने और कैंसर समेत छह बीमारियों के रोगी हज पर नहीं जा सकेंगे। प्रसव अवधि नजदीक होने पर गर्भवती महिलाएं भी यह फ़रीज़ा पूरा नहीं कर पाएंगी। सऊदी सरकार ने इन सभी पर रोक लगा दी है। ठहराव वाले सभी श्रेणी के होटलों में खाना पकाने पर भी पाबंदी रहेगी। सऊदी सरकार ने हज यात्रा शर्तों में इस साल कई बदलाव किए हैं।
मासिक डिपॉजिट, विस्तारFollow Usसूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें सालाना उर्स के अवसर पर शनिवार रात अजमेर स्थित दरगाह शरीफ में परंपरागत सालाना संदल की रस्म पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। उर्स की शुरुआत से एक दिन पूर्व निभाई जाने वाली इस विशेष रस्म में दरगाह के खादिम समुदाय के साथ देशभर से पहुंचे हजारों जायरीन शामिल हुए।







