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💢रजिस्टर मोबाइल💢सारBharatpur News: भरतपुर के जनाना अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
️डायमंड इनाम,सारसऊदी अरब में 13 नवंबर 2025 को रमेश की मौत हो गई थी। इसके बाद उसका शव अभी तक भारत नहीं पहुंचा है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब भारतीय दूतावास ने बताया है कि सऊदी पुलिस की फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद शव भारत पहुंचेगा।
सारBurhanpur News: पुलिस ने कहा कि यह एक अत्यंत गंभीर और शर्मनाक घटना है। हमने आरोपी रतन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस इस मामले में कठोर कार्रवाई कर रही है।
अर्न, कोसी तिरहुत समेत कई प्रमंडल में खेतों में कोहरा देखा गया।
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Mon, 10 Nov 2025 04:35 PM IST
विस्तारFollow Usलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को बूंदी में 123 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने मल्टीपरपज़ इंडोर स्टेडियम, अमृत 2.0, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाओं सहित कई परियोजनाओं की सौगात दी और सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया।
मोबाइल सर्वे, आज मंगलवार को प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रय स्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में वन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण व बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधि और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।
कमाई पैसे वाराणसी ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:26 AM IST
भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
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