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️शेयर ईज़ी,विस्तारFollow Usराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसकी एक प्रेरक मिसाल मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदुली से सामने आई है, जहां सत्कार महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य सुष्मिता जाटवर ने संघर्ष से सफलता तक का उल्लेखनीय सफर तय किया है।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
विज़िट ट्रांसफर, हीमपुर दीपा। गांव माहू में मुर्गी फार्म की रखवाली कर रहे दंपती को बदमाशों ने बंधक बनाकर लगभग एक हजार मुर्गे-मुर्गी व कुंडल लूट लिए। बदमाशों ने दोनों के हाथ-पांव बांध दिए और उनके मुंह पर टेप लगा दी।
विस्तारFollow Usचांदपुर नगर पालिका परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हार्ट अटैक से सभासद मोहम्मद आजिम यूसुफ (32) की मौत हो गई। वे कार्यक्रम के दौरान कुर्सी पर बैठे थे, तभी अचानक गिर गए। उनकी मौत से परिवार और पालिका परिषद कर्मचारियों में गम का माहौल हो गया।
सारमध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित है। कई जिलों में रात का तापमान 2 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटते हुए पारा 3.8 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी कम हुई और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
विस्तारFollow Usरायपुर पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिल और एक एक्टिवा बरामद की गई है, जिनकी कुल कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई जा रही है।
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क्लिक सारजिले में एक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई है। यह हादसा बेमेतरा थाना क्षेत्र के ग्राम झलमला आदिशक्ति ढाबा के पहले बेमेतरा-सिमगा रोड के पास मिली है।
उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
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