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💢इंस्टेंट💢Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
️सर्वे कमेंट,सारMP:मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में रविवार को इंदिरा तिराहे पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन हुआ। कांग्रेस ने इसे गांधी के नाम व श्रमिक अधिकारों को मिटाने की साजिश बताया। प्रशासन अलर्ट रहा।
सारJaipur News:अंता उपचुनाव जीतकर प्रमोद जैन भाया ने आज विधानसभा में विधायक पद की शपथ ली। शपथ के बाद उन्होंने बारां जिले में यूरिया संकट और किसानों की परेशानियों को उठाते हुए चेतावनी दी कि 7 दिन में सप्लाई नहीं सुधरी तो 2 दिसंबर को गढ़ेपान संयंत्र पर धरना देंगे।
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बानसूर और नारायणपुर पंचायत समिति के वार्डों का पुनर्गठन- फोटो : अमर उजाला
महाकुंभ की तरह माघ मेला श्रद्धा के साथ ही व्यापार का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। संगम तट पर लगने वाला यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि इससे स्थानीय और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक संबल मिलता है।
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर निवासी 36 वर्षीय उमेश कुमार की मौत नाले में डूबने से होने की पुष्टि हुई है। बीते शनिवार को उमेश का शव घर से कुछ दूरी पर एक नाली में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उमेश जलालपुर कस्बे में नरेश की आढ़त पर पल्लेदारी का काम करता था। शनिवार सुबह वह काम पर गया था, लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटा। सुबह ग्रामीणों ने उमेश का शव नाली में पड़ा होने की सूचना परिजनों को दी। प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। परिजनों की ओर से अभी तक कोई शिकायत पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
मेगा बोनस, संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sat, 10 Jan 2026 01:32 AM IST
वेरिफाई रजिस्टर वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:51 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:53 PM IST
गेम, बहराइच/शिवपुर। परसा अगैया गांव में 10 वर्षीय विवेक वर्मा की निर्मम हत्या के मामले में अदालत द्वारा आरोपी अनूप वर्मा को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भले ही पीड़ित परिवार को न्याय की अनुभूति हुई हो, लेकिन कानूनी रूप से यह मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। कानून के मुताबिक फांसी की सजा पाए किसी भी अभियुक्त के मामले में आगे की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से उच्च न्यायालय से होकर गुजरती है।







