मोबाइल
गेट डाउनलोड
वेरिफाई टास्क, Inc
फ्री
💢गेट💢
️प्रीमियम सब्सक्राइब,
कूपन इनाम, संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराजUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:31 AM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sat, 10 Jan 2026 01:36 AM IST
जिले में नशे के नेटवर्क और मादक पदार्थों की सप्लाई पर नकेल कसने के लिए पुलिस और डीएसटी लगातार फील्ड में सक्रिय है। इसी सिलसिले में शुक्रवार रात शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां फास्ट फूड की दुकान को सिगरेट-कबाब और बर्गर बेचने की आड़ में नशीले पदार्थों की बिक्री का अड्डा बना दिया गया था। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 2.74 किलोग्राम अवैध गांजा पाउडर बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
विस्तारFollow Usजिले के जंगलों में लगातार हो रही वन्यजीवों की संदिग्ध मौतें अब केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा भी बनती जा रही हैं। 23 दिसंबर को उत्तर सामान्य वन परिक्षेत्र लामता के जंगल में एक नर तेंदुआ मृत अवस्था में मिला था। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं दिखे लेकिन हालत संदिग्ध होने के कारण वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
ऐप फ्रेंड्स,
कमाई डिस्काउंट इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने की वैज्ञानिक सर्वे की मांग में दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई स्थगित हो गई। अब अगली सुनवाई तीन जनवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने राखी सिंह की याचिका पर दिया है। याचिकाकर्ता राखी सिंह ने का कहना है कि वजूखाने के सर्वे से विवादित धार्मिक स्थल की धार्मिक चरित्र की पहचान हो सकेगी। वहीं, मुस्लिम पक्ष की ओर से सर्वे का विरोध किया जा रहा है। हालांकि, सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि पूजास्थल अधिनियम व ज्ञानवापी के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लंबित है। ऐसे में कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर अगली तिथि नियत कर दी।
विस्तारFollow Usआतंकी डॉ. आदिल अहमद की गिरफ्तारी के बाद कुछ संदिग्ध खुफिया एजेंसियों की रडार पर हैं। वर्ष 2017 से अब तक सहारनपुर को पांच बार उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। आखिरी बार 26 अक्तूबर 2023 में धमकी मिली थी। इससे पहले वर्ष 2017 व 2022 में एक-एक बार और 2018 में दो बार धमकी भरे पत्र मिले थे। आतंकी संगठन लश्कर-ए तैयबा का जिक्र किया गया था।
नया कम्पलीट, आगरा। पैर रखने पर आरामदायक एहसास कराना ही आगरा के गलीचे (कारपेट) की खासियत है, लेकिन पारंगत कारीगरों और सब्सिडी की कमी से गलीचा कारोबार दम तोड़ रहा है। इसके बाद अमेरिकी टैरिफ ने कारोबार को और झटका दिया। उद्यमियों का कहना है कि कारीगरों के लिए एडवांस ट्रेनिंग सेंटर, सब्सिडी बढ़ाने और ओडीओपी में शामिल करने से गलीचा कारोबार को गति मिल सकती है।







