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️वीआईपी विथड्रॉ,विस्तारFollow Usसरगुजा जिले के सीतापुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत भारतपुर के लकरालता टोला में सड़क सुविधा की गंभीर कमी के कारण ग्रामीणों को एक चौंकाने वाली स्थिति का सामना करना पड़ा।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
ईज़ी इंस्टेंट, टेंडर पाम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने उन्नत हृदय उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। अस्पताल में भारत में बने स्वदेशी डिवाइस माईक्लिप (MyClip) की मदद से माइट्रल वाल्व ट्रांसकैथेटर ऐज-टू-ऐज रिपेयर (एम-टीयर – M-TEER) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। यह उत्तर प्रदेश में पहली बार है जब यह तकनीक बिना ओपन-हार्ट सर्जरी के की गई।
अंबेडकरनगर। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित सूर्यपाल वर्मा मेमोरियल राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता के पहले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में शनिवार को अयोध्या ने नेपाल को तीन विकेट से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मुख्य अतिथि डॉ. विजय तिवारी ने मैदान पर पहुंचकर दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया।
विस्तारFollow Usराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बरेली छावनी परिषद (कैंट बोर्ड) की ओर से सोमवार को मिनी मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। कैंट स्थित मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, लेफ्टिनेंट जनरल जीओसी डीजी मिश्रा और छावनी परिषद की सीईओ डॉ. तनु जैन ने हरी झंडी दिखाकर मिनी मैराथन की शुरुआत की।
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:28 AM IST
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कम्पलीट शेयर सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें सालाना उर्स के मुबारक अवसर पर आज बुधवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से दरगाह शरीफ में मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए। इस अवसर पर दरगाह परिसर में आध्यात्मिक माहौल और अकीदतमंदों की मौजूदगी देखने को मिली।
नया ईज़ी, आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।







