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️साइन अप,विस्तारFollow Us2026 की 38वीं सबजूनियर नेशनल सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। हरियाणा के झज्जर में 09 से 12 जनवरी तक आयोजित इस प्रतियोगिता में बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं बालक टीम ने भी कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Thu, 13 Nov 2025 10:00 PM IST
कमाई अर्न, क्रिकेट - पुलिस मैदान बारगाह में विंटर क्रिकेट कप प्रतियोगिता के तहत सुबह 10 बजे खज्जियार और एचएनजीएल के बीच मैच होगा।
विस्तारFollow Usगुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविद्यालय के तात्या भील बॉयज हॉस्टल के मेस में मामूली विवाद के दौरान मेस कर्मचारियों द्वारा छात्र को चाकू लेकर दौड़ाने और मारपीट करने की घटना सामने आई है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने तत्पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली में सोमवार शाम लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद पूरा राजस्थान अलर्ट मोड पर आ गया है। राज्य के सीमावर्ती जिलों बाड़मेर, सिरोही, अलवर और भरतपुर में रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राज्य पुलिस ने विशेष निगरानी शुरू की है और हर जिले में आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस संयुक्त सर्च ऑपरेशन चला रही है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि दिल्ली धमाका ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ है और इसके पीछे चाहे कितनी भी ताकतें हों, किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
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जिले के दबोह क्षेत्र में पुरानी रंजिश ने खौफनाक रूप ले लिया। रायपुरा गांव में दो पक्षों के बीच विवाद के दौरान पांच लोगों ने मिलकर अली उर्फ रुद्रप्रताप सिंह जाटव पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक का मामा भी गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया।
मेगा पैसे, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।







