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️डायमंड गेट,लुहणू खेल मैदान का निरीक्षण करते उपायुक्त। स्रोत: डीपीआरओ
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।
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अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:02 PM IST
सारदो पार्षदों के पाला बदलते ही पंजाब पुलिस, पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों की नींद खोल दी है। इस राजनीति के केंद्र में सबसे ऊपर उभर कर आए हैं आप के चंडीगढ़ प्रदेश के सह प्रभारी डॉ. सन्नी सिंह आहलुवालिया।
गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:35 PM IST
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विज़िट डिपॉजिट चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
चरखी दादरी। जिले में घर-घर पहुंच रहा पेयजल अब लोगों की प्यास बुझाने के बजाय उनकी सेहत के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। ताजा जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में लिया गया प्रत्येक तीसरा पानी का सैंपल बैक्टीरियोलॉजिकल टेस्ट में फेल पाया गया है। यह स्थिति न केवल जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करती है।
लॉग इन सब्सक्राइब, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Thu, 14 Aug 2025 04:49 PM IST







