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💢मासिक कमाई💢जिले में एक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई है। यह हादसा बेमेतरा थाना क्षेत्र के ग्राम झलमला आदिशक्ति ढाबा के पहले बेमेतरा-सिमगा रोड के पास मिली है। थाना से मिली जानकारी अनुसार मृतक परमानंद साहू पिता शिवनंदन साहू उम्र 35 निवासी ग्राम खिलोरा अपनी बाइक से घर जा रहा था। तभी घटना स्थल पर किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में परमानंद साहू को गंभीर चोट आई।
️मासिक अर्न,बिहार में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पूरे बिहार में हाड़ कंपाने वाली ठंड ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। भागलपुर, गया, नालंदा, सीवान, समस्तीपुर समेत कई जिलों में तेजी से पारा गिरा है। इन जिलों का तापमान गिरकर पांच डिग्री तक पहुंच गया। भागलपुर के सबौर का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। आज सुबह पटना, पूर्णिया समेत कुछ जिलों में धूप जरूर निकली लेकिन सर्द हवा के कारण लोग धूप में निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इधर, पश्चिम चंपारण, गया समेत कुछ जिले घने कोहरे की चादर में लिपट चुके हैं।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अतिरिक्त रजिस्टर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 17 Nov 2025 07:24 PM IST
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विस्तारFollow Usनालंदा जिले के थरथरी थाना क्षेत्र में रविवार से लापता एक 19 वर्षीय युवक का शव बोरे में बंद अवस्था में बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव थरथरी बाजार निवासी दुखी केवट के घर के पीछे खेत से मिला, जो मृतक के घर से लगभग एक किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।
सारबेमेतरा जिले के नवागढ़ में इस साल राज्य स्तरीय गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के लिए सीएम विष्णुदेव साय को नवागढ़ विधायक और खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने न्योता दिया है। ऐसे में सीएम विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
नया टास्क, भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
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साप्ताहिक बोनस, घुमारवीं क्षेत्र में सड़कों पर स्टंटबाजी और मोडिफाइड साइलेंसर के जरिए दहशत फैलाने वाले बाइक सवा







