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💢कमाई अर्न💢महिलाओं से अच्छी बचत कोई नहीं कर सकता। वह घर का बजट इतनी समझदारी से बनाती हैं कि सारे खर्चे निकालने के बाद भी हर महीने छोटी-मोटी बचत कर ही लेती हैं। इसी बचत को सही जगह पर निवेश कर वह बढि़या रिटर्न भी पा सकती हैं। अमर उजाला के स्त्री शक्ति समृद्धि जैसे कार्यक्रम महिलाओं को निवेश के लिए जागरूक करने के साथ दिशा भी दे रहे हैं। यह विचार महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने अमर उजाला बोनस और केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड की ओर से निवेश के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किए।
️ऐप,सारशिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सदस्य और बीईओ ने विद्यालय पहुंचकर जांच की। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से स्कूल से हटाकर बीईओ कार्यालय तामिया में संलग्न कर दिया गया। हालांकि प्राचार्य ने अपने ऊपर लगे आरोपों को साजिश बताया है।
गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:00 AM IST
फ्रेंड्स वॉच, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
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टास्क ऑफर, विस्तारFollow Usभाटापारा में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान उपार्जन केंद्रों में अवैध धान की आवक रोकने के लिए प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर भाटापारा की टीम ने आज दो अलग-अलग स्थानों में दबिश देकर कुल 5,92,250 रुपये मूल्य के 625 कट्टा, लगभग 250 क्विंटल धान जब्त किया।
अल्ट्रा क्लिक विस्तारFollow Usराज्य सरकार ने जिलों के पुनर्गठन की प्रक्रिया के तहत बालोतरा और बाड़मेर जिलों की सीमाओं में आंशिक बदलाव किया है। इस नए आदेश की अधिसूचना शुक्रवार देर रात सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर आदेश वायरल होते ही दोनों जिलों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कहीं लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया तो कहीं असंतोष और नाराजगी भी दिखाई दी।
अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:Digvijay SinghUpdated Wed, 07 Jan 2026 07:00 PM IST
ऑफर, बाराबंकी। निधन के दो साल बाद तक पेंशन लेने का मामला सामने आया है। मृतक के पौत्र ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देकर तत्कालीन वरिष्ठ कोषाधिकारी व अपने चाचा पर यह गंभीर आरोप लगाए हैं। अदालत ने दोनों पर परिवाद दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद पेंशन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।







