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💢गोल्ड साइन अप💢मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड स्थित पानापुर उच्च विद्यालय में इंटरमीडिएट परीक्षा के एडमिट कार्ड नहीं मिलने से सैकड़ों परीक्षार्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया। स्कूली स्तर पर हुई लापरवाही के कारण 169 परीक्षार्थियों को समय पर एडमिट कार्ड उपलब्ध नहीं कराए जा सके, जिससे छात्रों में गहरा आक्रोश फैल गया।
️सुपर मोबाइल,मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें जनधन और मजदूर वर्ग के लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इनमें से एक खाता ऐसे व्यक्ति का था जिसकी मौत हो चुकी थी। इन खातों से करोड़ों रुपये का लेनदेन किया जा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है और कुल लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा किया है।
रिसीव इनवाइट, Tariff Threatईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?BiharBangladeshUttarakhandUSUP CrimeReal Madridकपसाड़ कांडआज के दिन
विस्तारFollow Usआज मंगलवार को प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रय स्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में वन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण व बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधि और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा। इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं।
विस्तारFollow Usचंडीगढ़ में मंगलवार को घनी धुंध के साथ दिन निकला। ठंड रिकाॅर्ड तोड़ने लगी है। सोमवार को न्यूनतम पारा 3.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सुबह के समय चंडीगढ़ में जबरदस्त धुंध रही। चंडीगढ़ में तीन वर्ष बाद ऐसी स्थिति बनी है कि 12 जनवरी को पारा 3.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया वहीं, अधिकतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:46 PM IST
फ्री पैसे, छत्तीसगढ़ की जनजातीय पहचान, लोक संस्कृति और परंपराओं का सबसे बड़ा उत्सव 'बस्तर पंडुम' इस वर्ष 10 जनवरी 2026 से पूरे उत्साह और गरिमा के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन बस्तर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, रहन-सहन, लोककला, पारंपरिक खान-पान, वेशभूषा, गीत-संगीत और नृत्य परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अनूठा प्रयास है।
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सब्सक्राइब कमेंट, रामरायपुर में सड़क सुरक्षा अभियान चलाते राजकीय महाविद्यालय के छात्र। स्रोत-महाविद्यालय







