Global
  • Global
  • Türkiye
  • Việt Nam
  • México
  • Perú
  • Colombia
  • Argentina
  • Brasil
  • India
  • ประเทศไทย
  • Indonesia
  • Malaysia
  • Philippines
  • 中國香港
  • 中國台灣
  • السعودية
  • مصر
  • پاکستان
  • Россия
  • 日本
Download

कैश रिसीव

अतिरिक्त कमाई

गोल्ड रजिस्टर

4.9 Version: V5.3.6

क्लिक अर्न, Inc

विथड्रॉ क्लिक

💢टास्क विज़िट💢सोशल मीडिया और यूट्यूब की चमक-दमक में नाम कमाने की चाह एक 15 वर्षीय नाबालिग को सैकड़ों किलोमीटर दूर कर्नाटक से अलवर तक ले आई। गेमिंग यूट्यूबर बनने का सपना संजोए दसवीं कक्षा का छात्र घर से बिना बताए निकल गया और अलवर जिले के बानसूर क्षेत्र में एक यूट्यूबर से मिलने पहुंच गया। गनीमत रही कि समय रहते पुलिस और परिजनों की सतर्कता से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और बच्चा सकुशल अपने पिता से मिल गया।

️स्टूडेंट कूपन,जगीशपुर के अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर थौरी के पास पलटी कार। -संवाद

विस्तारFollow Usपंजाब के गांवों और शहरों में घर के आंगन में दहकती लोहड़ी केवल लकड़ियों का अलाव नहीं है। यह उस सामाजिक चेतना का जीवंत प्रतीक है जिसमें वीरता, विद्रोह, किसान का संघर्ष और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की लौ सदियों से जलती आ रही है।

सुपर फ्री, बस्ती। मकर संक्रांति पर्व पर प्रयागराज माघ मेले में स्नान करने जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार बड़ी सहूलियत दी गई है। भीड़ और परिवहन की परेशानी को देखते हुए बस्ती रोडवेज डिपो ने विशेष बस सेवा की भी व्यवस्था की है।

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Sat, 03 Jan 2026 04:53 PM IST

73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर  उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।

कमेंट कमेंट, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal

क्लिक लॉग इन 02-शुक्रवार की रात दर्शन पथ पर चेकिंग करते सुरक्षाकर्मी-  पुलिस

विस्तारFollow Usमकर संक्रांति पर संगम तट पर 15 जनवरी को आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। मेला प्रशासन ने इस मौके पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान के अनुमान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु जिस तरफ से आएंगे, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। 2024 में मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार भीड़ को देखते हुए स्नान घाटों की लंबाई बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी गई है। पिछली बार यह लंबाई केवल दो किमी ही थी। मेला क्षेत्र में 106.24 किमी लंबाई में चकर्ड प्लेट से सड़कें तैयार की गई हैं। तीर्थ पुरोहितों, आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा, खाक चौक सहित प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर सज चुके हैं।

ट्रांसफर कमेंट, संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:52 PM IST

More Similar Apps

See All