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💢कमेंट💢11 जनवरी को सर्व आदिवासी समाज की बैठक- फोटो : अमर उजाला
️विन वॉच,विस्तारFollow Usभागलपुर जिले के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के साहेबगंज चर्च रोड पर शुक्रवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। यहां 22 वर्षीय कुंदन यादव उर्फ़ बुच्चो यादव की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक कंपनी यादव का दूसरा बेटा था और पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था।
अल्ट्रा ऑनलाइन, एक बार फिर एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनें आने से मचा हड़कंप- फोटो : अमर उजाला
T20 WCविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJagdeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
लोहड़ी पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपना करतब दिखाते युवा। स्रोत समिति
बोनस विन, सारबदायूं जिले के कुंवरगांव थाना प्रभारी ने गजब खेल किया। उन्होंने जिस शख्स को मुठभेड़ के दौरान फरार होना दिखाया, घटना के दिन उसकी लोकेशन बरेली में मिली। फर्जी मुठभेड़ का खुलासा तब हुआ जब आरोपी की मां ने डीआईजी को सबूत सौंपे। प्रारंभिक जांच में थाना प्रभारी कुंवरगांव की भूमिका संदिग्ध मिली है।
वीआईपी विज़िट सारनेपानगर के 86 डिग्री ओवरब्रिज पर दो हादसे हो चुके हैं, जिसमें एक मौत हुई। सुरक्षा जालियां लगाने का निर्णय फरवरी में हुआ था, लेकिन अब तक फाइलों में अटका है। कांग्रेस नेता ने तकनीकी जांच की मांग की है, जबकि नगर पालिका को इंदौर से स्वीकृति का इंतजार है।
विस्तारFollow Usभोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
वॉच, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।







