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💢विन💢मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में सोमवार देर रात बैतूल-नागपुर फोरलेन पर एक निजी यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सापना-सोहागपुर जोड़ के पहले हुई इस घटना में बस पलटने से 16 यात्री घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:27 AM IST
ऐप, रविवार को सर्दी के इस सीजन में पहली बार छतरपुर शहर कोहरे की आगोश में समाया। सुबह करीब 9 बजे तक सड़कों पर घना कोहरा रहा, जिसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच छतरपुर पुलिस ने घने कोहरे के कारण संभावित दुर्घटनाओं और असुविधाओं से बचने के लिए, छतरपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा वाहन चालकों और आम जनमानस की सुरक्षा हेतु एक विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने मायरा भरने पर की दोनों भाइयों की सराहना- फोटो : अमर उजाला
साइन अप पॉइंट्स, विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक दलित युवक के साथ अमानवीय बर्ताव का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन युवकों ने एक दलित ड्राइवर को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की, शराब पिलाई और जबरन पेशाब पिलाने की घृणित हरकत की। पीड़ित को गंभीर हालत में मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर करोड़ी लाल मीणा और एडिशनल एसपी संजीव पाठक अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
रिवॉर्ड्स जालंधर/अमृतसर।न्यूजीलैंड में सिखों के नगर कीर्तन को एक बार फिर विरोध का सामना करना पड़ा। 20 दिनों में यह दूसरी बार है जब सिखों के धार्मिक उत्सव को बाधित किया गया। इस बार डेस्टिनी चर्च से जुड़े ब्रायन टमाकी और उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर हाका डांस किया और नारे लगाए। उन्होंने कहा कि ये किसकी गलियां हैं? ये गलियां हमारी हैं। सरेआम तलवारें और झंडे लहराने की इजाजत किसने दी। हम अपनी संस्कृति को बर्बाद नहीं होने देंगे।
स्टूडेंट, भिवानी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ चुके ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से 19 जनवरी तक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के रुझान सामने आने लगे हैं। सर्वे में पाया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी दायरे में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की संख्या अधिक है। इनमें विशेष रूप से प्रवासी मजदूर परिवारों और घुमंतू लोगों के बच्चे शामिल हैं।







