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डायमंड वॉच
💢डायमंड ऐप💢मिथिला अंचल के लिए एक ऐतिहासिक युग के समापन की खबर सामने आई है। दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के निधन से पूरे मिथिला क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। महारानी पिछले छह महीनों से अस्वस्थ चल रही थीं और उन्होंने दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में अंतिम सांस ली।
️पैसे,पुतला दहन कर विरोध करते भाजयुमो के कार्यकर्ता- फोटो : अमर उजाला
बैतूल में बच्चों की मौत का मामला: जांच दल ने माता-पिता से ली जानकारी, रिपोर्ट जल्द
ऑनलाइन विज़िट, सारछत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक दिन पहले यानि 15 नवंबर शनिवार से धान खरीदी शुरू हो गई है। पहले दिन कर्मचारियों के हड़ताल के कारण कई केन्द्र में धान खरीदी नहीं हो सकी है। ऐसे में अब जिला प्रशासन जिले में एस्मा लागू कर दिया है।
T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar News
बिहार की राजनीति में आए दिन होने वाली जुबानी जंग ने आज एक बेहद कड़वा मोड़ ले लिया। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर सीधा हमला बोलते हुए ऐसी अमर्यादित टिप्पणी कर दी है, जिससे सियासी गलियारे में भारी हंगामा मचना तय माना जा रहा है। सोमवार को पप्पू यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए गिरिराज सिंह पर निशाना साधा। सांसद ने अपने ट्वीट में भाजपा नेता गिरिराज सिंह का नाम बदलकर जानवर से तुलना कर दी, जिसे लेकर एक्स यूजर्स सांसद पप्पू यादव को ही ट्रोल करने लगे।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 01:05 AM IST
पॉइंट्स कैश, भीलवाड़ा का बुधवार (1 अक्टूबर) को वातावरण धार्मिक जोश और उत्साह से सराबोर रहा। अवसर था दुर्गा शक्ति अखाड़े के 9वें स्थापना दिवस का, जो हरी सेवा उदासीन आश्रम परिसर में बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर तेलंगाना से विधायक टी राजा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
विन विज़िट सारखाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हासिल करने और किसानों की आय में दीर्घकालीन व स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल–ऑयल पाम योजना को प्रभावी रूप से लागू कर रही हैं।
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Mon, 24 Nov 2025 07:30 PM IST
फ्री विज़िट, छत्तीसगढ़ की जनजातीय पहचान, लोक संस्कृति और परंपराओं का सबसे बड़ा उत्सव 'बस्तर पंडुम' इस वर्ष 10 जनवरी 2026 से पूरे उत्साह और गरिमा के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन बस्तर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, रहन-सहन, लोककला, पारंपरिक खान-पान, वेशभूषा, गीत-संगीत और नृत्य परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अनूठा प्रयास है।







