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विस्तारFollow Usडूंगरपुर से बाल श्रम के लिए गुजरात ले जाए जा रहे 22 बाल श्रमिकों को रेलवे पुलिस, चाइल्ड लाइन और एक स्वयंसेवी संस्था ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मुक्त कराया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब चित्तौड़गढ़ से गुजरात के असारवा जाने वाली रेल में सभी बच्चे बैठे थे। मामले में 3 दलालों को हिरासत में लिया गया है।
इनाम डिस्काउंट, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
बागेश्वर। पंडित बीडी पांडेय परिसर को अब तक विज्ञान भवन का हस्तांतरण नहीं होने से विद्यार्थियों में रोष है। छात्र-छात्राओं ने परिसर के खेल मैदान में खड़े सीज वाहन नहीं हटाने पर भी नाराजगी जताई। जल्द समस्याओं का निदान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बृहस्पतिवार को निदेशक के माध्यम से विद्यार्थियों ने डीएम को ज्ञापन भेजा। छात्रसंघ अध्यक्ष सागर जोशी ने बताया कि परिसर के खेल मैदान में एक साल पहले सीज करके रखे गए डंपर और अन्य वाहनों को अब तक नहीं हटाया गया है। पूर्व में विद्यार्थी इसे लेकर ज्ञापन भी दे चुके हैं। विद्यार्थियों ने उत्तरायणी मेले के दौरान खेल मैदान को टैक्सी पार्किंग स्थल बनाने का भी विरोध किया। चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर उत्तरायणी मेले के दौरान विद्यार्थी धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर ललित कुमार, मनीष चौबे, पियूष तिवारी, प्रेम दानू, पंकज कुमार, राहुल बाराकोटी, कैलाश आदि रहे।
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लाइक रिवॉर्ड्स अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:Digvijay SinghUpdated Tue, 13 Jan 2026 05:20 AM IST
विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
गेट सब्सक्राइब, संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:58 PM IST







