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💢सर्वे💢संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:01 PM IST

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियरPublished by:ग्वालियर ब्यूरोUpdated Sun, 07 Dec 2025 12:39 PM IST

इंस्टेंट डिपॉजिट, विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर  उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।

केन्द्र का कलेक्टर ने किया निरीक्षण- फोटो : अमर उजाला

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फ्रेंड्स कम्पलीट,

सुपर कलेक्ट प्रदेश के वागड़ क्षेत्र में अनेक प्राचीन स्थल हैं, जो श्रद्धा, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है मानगढ़ धाम, जिसे आदिवासी समाज अपनी आस्था और शौर्य का पावन प्रतीक मानता है। यह स्थान केवल धार्मिक भावना से ही नहीं, बल्कि आदिवासियों की अमर शहादत की स्मृतियों से भी भरा हुआ है।

सब्सक्राइब विन, सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें सालाना उर्स के अवसर पर शनिवार रात अजमेर स्थित दरगाह शरीफ में परंपरागत सालाना संदल की रस्म पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। उर्स की शुरुआत से एक दिन पूर्व निभाई जाने वाली इस विशेष रस्म में दरगाह के खादिम समुदाय के साथ देशभर से पहुंचे हजारों जायरीन शामिल हुए।

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