इनवाइट ऐप
छोटा डाउनलोड
वॉच, Inc
ऐप डिस्काउंट
💢स्टूडेंट डिपॉजिट💢मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में महज 350 रुपए की उधारी को लेकर हुए विवाद ने खून-खराबे का रूप ले लिया। पुलिस ने इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
️कैश,जरीफनगर। भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में थाना जरीफनगर से बदायूं जिलाधिकारी कार्यालय तक तिरंगा यात्रा निकालकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश सिंह पाल को सौंपा। इसमें सांसद, विधायकों की पेंशन बंद करने, यूरिया की उपलब्धता और गोवंशों को गोशाला भिजवाने समेत कई मांगें शामिल रहीं।
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Mon, 24 Nov 2025 07:30 PM IST
डाउनलोड लॉग इन, चंबा। परेल के पास रावी नदी के किनारे न तो लोक निर्माण विभाग और न ही पंचायत सड़क का निर्माण करवा रही है तो आखिरकार दो से तीन मशीनें लगाकर सड़क निर्माण करना अब पहेली बन गया है। हैरानी की बात तो यह है कि इसके लिए न तो वन विभाग की अनुमति ली गई है और न ही प्रशासन को इसके बारे में पता है। हालांकि अब अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन ने इस मामले की जांच करवाएगा।
चंबा के कियाणी में कड़ाके की ठंड के चलते स्कूटी की सीट पर पड़ा कोहरा।संवाद- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:28 PM IST
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट समेत अन्य नेता।
इंस्टेंट ऑनलाइन, नीतीश सरकार बिहार में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉरलेंस की नीति अपनाने का दावा करती है। भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई भी होती है। अब घूससोर अफसरों और कर्मियों पर नकेल कसने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने खुद को स्मार्ट बनाने का फैसला लिया है। निगरानी की टीम अब अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल पर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी सेंटर बनाया जाएगा। निगरानी की टीम ने इस सेंटर के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।
सिल्वर फ्रेंड्स अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।
ट्रांसफर मोबाइल, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:08 AM IST







