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💢कम्पलीट पैसे💢चंडीगढ़। क्राइम ब्रांच ने वाहन चोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और 17 चोरी के वाहन बरामद किए। इनमें एक्टिवा स्कूटर और मोटरसाइकिल शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मलोटकोटला निवासी रनबीर सिंह (20), खुड्डा लाहोरा के मंजीत उर्फ सूजल (21), मोहाली के मुल्लांपुर निवासी विजय कुमार (34) और एक नाबालिग शामिल हैं।
️कमाई,पंजाब में लोहड़ी की धूमHaryana Weatherनशा छुड़ाने के नाम पर लूटPhagwaraChandigarhरिकाॅर्डतोड़ ठंड से ठिठुरा चंडीगढ़PunjabChandigarh News
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़Published by:शाहिल शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:32 PM IST
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विस्तारFollow Usबिलासपुर रेल हादसे में मृत लोको पायलट विद्यासागर कुशवाहा की तीनों बेटियों की शिक्षा एवं विवाह का जिम्मा क्लीन कोल इन्टरप्राईजेस प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी ने लिया है। कम्पनी के संचालक संजय अग्रवाल ने लिखित पत्र जिला कलेक्टर एवं डीआरएम रेल्वे बिलासपुर को सौंपा है। कम्पनी ने हादसे में मृत लोगों के बच्चों की संपूर्ण शिक्षा में सहयोग करने का भी वचन दिया है।
लोहाघाट (चंपावत)। डिग्री कॉलेज मोटर मार्ग में बाड़ीगाड़ के पास छह महीने से बदहाल है। बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है। क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग को ठीक न करने पर लोगों में लोक निर्माण विभाग के खिलाफ आक्रोश है। लोगों ने बताया कि करीब छह माह पूर्व बरसात के दौरान मोटर मार्ग धंस गया था। इससे यह संकरा हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने काम चलाऊ व्यवस्था के तहत पहाड़ी कटान कर सड़क को थोड़ चौड़ा किया है, लेकिन उसमें भी हर समय खतरा बना हुआ है।
विन गेम, भिंड जिले में साइबर ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक प्रेम सिंह कुशवाह को डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया। फर्जी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर धमकाया और अलग-अलग खातों में 29.50 लाख रुपये ट्रांसफर कराए। बाद में ठगी का खुलासा होने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
कमाई रिवॉर्ड्स
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/बाड़मेर/भरतपुर/अलवर/सिरोहीPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 11 Nov 2025 07:47 PM IST
वेरिफाई ट्रांसफर, राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







