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💢सब्सक्राइब💢छतरपुर में मोबाइल की स्क्रीन टूटने से आहत कक्षा 10वीं के 17 वर्षीय छात्र ने जहर खा लिया। परिजन उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाए, जहां उसका इलाज जारी है। हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना से परिवार गहरे सदमे में है।
️प्लेटिनम कमेंट,विस्तारFollow Usसऊदी अरब में स्पैनिश सुपर कप फाइनल में रियल मैड्रिड को उसके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी बार्सिलोना ने रोमांचक मुकाबले में 3-2 से हराया। इस मैच ने रियल मैड्रिड टीम में खलबली मचा दी है। जहां मैड्रिड को कप से हाथ धोना पड़ा, वहीं हार से निराश रियल मैड्रिड के मालिकों ने मैनेजर जावी अलोंसो को बर्खास्त कर दिया। हालांकि, उनकी बर्खास्तगी से ठीक पहले मैदान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें किलियन एम्बाप्पे की हरकत से बवाल मच गया है।
विस्तारFollow Usबेमेतरा जिले में आज बुधवार को पत्नी की हत्या कर पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पति ने सबसे पहले अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या किया है। हालांकि, इस वारदात का कारण अज्ञात है। वर्तमान में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच किया जा रहा है। मामला देवरबीजा चौकी क्षेत्र के ग्राम सलधा (मंजगांव) का है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार सलिक साहू ने अपने ही घर में पत्नी सावित्री साहू की गला दबाकर हत्या कर दी।
कमाई रिवॉर्ड्स,
चंडीगढ़। आयुष्मान योजना से जुड़े निजी अस्पतालों ने स्वास्थ्य विभाग के संशोधित निर्देशों पर भी कड़ा एतराज जताया है। अब अस्पतालों के काॅरिडोर, प्रवेश और निकास द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी सीधी फीड विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निजी अस्पतालों ने इन्हें मानने से इन्कार कर दिया है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Tue, 30 Sep 2025 08:27 AM IST
अल्ट्रा गेम, जिले की सात निकायों में करीब 200 स्ट्रीट लाइटें खराब हो गई हैं। सभी स्ट्रीट लाइटें सात से आठ महीने पहले ही लगी थी। करीब पांच करोड़ रुपये खर्च कर लगाई गईं स्ट्रीट लाइटें सालभर भी नहीं चल सकी। बड़ी स्ट्रीट लाइटों के अलावा छोटी लाइटें भी बड़ी संख्या में खराब है। वहीं लाइटों की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाए तिरंगा वाले झालर भी बुझ गए हैं। एडीएम के मुताबिक लाइट की गारंटी दो साल तक हो ती है।
कम्पलीट फ्री नालंदा से उठेगी भारत की आंतरिक मजबूती की गूंज- फोटो : अमर उजाला
डिपॉजिट कमेंट, भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।







