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💢सिल्वर ट्रांसफर💢बाड़मेर जिले के भेडाणा ग्राम पंचायत में रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर टीना डाबी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। सर्द रात में कई परिवादों का मौके पर ही निस्तारण कर अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीणों को त्वरित राहत मिली।
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वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:49 PM IST
गेट कमेंट, मातृत्व किसी भी महिला के जीवन का सबसे बड़ा सुख होता है। हालांकि गड़बड़ होती लाइफस्टाइल और खानपान से संबंधित दिक्कतों ने इस सुख से लाखों दंपत्तियों को वंचित रखा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में ऐसा ही एक मामला देखा गया है जहां दंपत्ति को इस सुख के लिए 12 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा। ये सुख मिला भी तो नवजात का जन्म समय पूर्व हुआ और उसे हार्ट से संबंधित समस्या भी थी। हालांकि डॉक्टर्स की टीम ने चिकित्सा कौशल की मिसाल पेश करते हुए न सिर्फ नवजात की जीवनरक्षक हृदय सर्जरी की बल्कि बच्ची को स्वस्थ करके छुट्टी दे दी।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
अमर उजाला नेटवर्क, जशपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Tue, 28 Oct 2025 08:15 PM IST
विन स्टूडेंट, बलिया। शहर क्षेत्र में एक भी पार्किंग नहीं है। इसके कारण बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट आदि स्थानों पर आने वाले लोगों को वाहन सड़क या पटरियों पर खड़ा करना पड़ता है। इतना ही नहीं 18 बैंक शाखाओं के पास भी पार्किंग नहीं है। ऐसे में यदि सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं तो ट्रैफिक पुलिस उनका चालान काट देती है।
स्टूडेंट वीडियो प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
नया विन, बलरामपुर। कड़ाके की ठंड में मंडलीय जिला अस्पताल में शुगर, बीपी और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी में हर दिन 130 मामलों में से 35 से 40 मरीज शुगर, बीपी और सांस के हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि ठंड में लोगों को गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे।







