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💢सर्वे💢विस्तारFollow Usउच्च शिक्षा निदेशक का चयन अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति करेगी। इस संबंध में शासन के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने निर्देश दिया है। अब चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2008 के प्रावधानों के अनुसार होगा।
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साइन अप कैश, संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:32 PM IST
जिले में अब शराब माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि जनप्रतिनिधियों को भी जान से मारने की धमकियां देने लगे हैं। हाल ही में जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शराब ठेकेदार ने अनूपपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री के पुत्र और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष तेजभान सिंह को फोन पर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में तेजभान सिंह ने भालूमाड़ा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
धरमघर (बागेश्वर)। ग्राम प्रधान संगठन की नव निर्वाचित कपकोट ब्लॉक इकाई का विरोध शुरू हो गया है। विकासखंड के ही प्रधानों के एक गुट ने कार्यकारिणी के गठन पर सवाल उठाए हैं। नई ब्लॉक कार्यकारिणी का जल्द गठन करने की बात कही है। विगत मंगलवार को कपकोट में ग्राम प्रधान संगठन की नई कार्यकारिणी चुनी गई थी। दुगनाकुरी, धरमघर क्षेत्र के ग्राम प्रधानों का कहना है कि कोरम पूरा नहीं होने के बाद भी गलत तरीके से कार्यकारिणी का गठन किया गया। कार्यक्रम में केवल 15-20 ही ग्राम प्रधान मौजूद थे। कई प्रधान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यकारिणी बनाई गई है जिसका विरोध करते हुए नई कार्यकारिणी जल्द बनाई जाएगी। विरोध करने वाले ग्राम प्रधानों में गोकुल सिंह, विपिन उपाध्याय, पुष्कर सिंह, नीमा राठौर, हरीश मेहता, राजेंद्र सिंह, गंगा सिंह, दीपा कोरंगा, नंदन सिंह, प्रेम राम, केदा सिंह, बबीता देवी आदि शामिल रहीं।
डिस्काउंट, गांव फजलपुर में शनिवार की सुबह घेर में बंधे बैल की रस्सी खोलकर उठाते समय अचानक खड़े हुए बैल की सींग महिला के पेट में घुस गई। इससे घायल महिला की उपचार के दौरान शनिवार की अलीगढ़ में मौत हो गई।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 05:28 PM IST
लाइक कमाई, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बालाघाट नगरपालिका की बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब 1 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपये की राशि ऐसे 133 हितग्राहियों को जारी कर दी गई, जिन्होंने आवास का निर्माण ही नहीं किया। अक्तूबर में मामला उजागर होने के बाद से नगर पालिका वसूली के लिए जूझ रही है।







