स्टूडेंट इंस्टेंट
रिवॉर्ड्स कम्पलीट
ऐप कमाई, Inc
इनवाइट कम्पलीट
💢ईज़ी वेरिफाई💢
️छोटा इनवाइट,विस्तारFollow Usभीलवाड़ा पुलिस ने समाज में अपराध और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गानों पर सख्त कदम उठाया है। एसपी धर्मेंद्र यादव के निर्देश पर गैंगस्टरों, बजरी माफियाओं और अपराधियों की शान बढ़ाने वाले सात स्थानीय गायकों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि यह कदम समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक था।
लॉग इन वॉच,
‘वेदांता टूर डी थार’ अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रेस- फोटो : अमर उजाला
अल्ट्रा रजिस्टर, खुदरा महंगाई दर में उछाल'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'India-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीविवेकानंद यूथ अवॉर्डWest Bengal Politicsबैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलावदालमंडी में बुलडोजर एक्शनModi-Merz Meet LIVEIND vs NZ
क्लिक सर्वे बांका जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े नहीं, बल्कि संध्या समय भी बेखौफ होकर बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। शुक्रवार की संध्या बांका टाउन थाना क्षेत्र के कर्मा पंचायत में अपराधियों ने एक सनसनीखेज घटना को अंजाम देते हुए पंचायत के उपमुखिया सह सीएसपी संचालक राजेश कुमार चौधरी पर जानलेवा हमला कर ढाई लाख रुपये नकद लूट लिए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।
IND vs NZIran Unrestराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंडSchool ClosedJ&Kअखिलेश बोलेThe Raja Saab Box Officeतमिलनाडु में राहुल-स्टालिन साथ नहीं?IND vs NZ Records
अर्न, चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।







