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💢गेम गेट💢भिवानी। जिले के पांच खंड तोशाम, कैरू, सिवानी, लोहारू और बहल क्षेत्र के करीब 170 गांवों का भूमिगत जल पाताल में पहुंच गया है। यही वजह है कि 800 से 900 फीट गहराई में भूमिगत जल दोहन के लिए लगाए गए बोरवेल रासायनिक तत्व उगल रहे हैं जिनसे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है। भूमिगत जल की विद्युत चालकता (ईसी) 6000 के पार पहुंच गई है वहीं टीडीएस, हार्डनेस और फ्लोराइड की मात्रा भी सामान्य से तीन गुना तक आंकी जा रही है।
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मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मासूम बच्चे को कर्ज़ की अदायगी न कर पाने के कारण छह साल तक बंधक बनाकर रखा गया। जानकारी मिलने पर प्रशासन की टीम ने उसे मुक्त कराया।
विस्तारFollow Usइंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
प्लेटिनम रजिस्टर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शेखपुराPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Tue, 25 Nov 2025 04:09 PM IST
कमाई सब्सक्राइब सारबीकानेर में शुरू हुआ इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 राजस्थान की जीवंत लोक-संस्कृति और ऊंटों से जुड़ी परंपराओं का भव्य उत्सव बनकर उभरा है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में सजे-धजे ऊंट, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, पारंपरिक वेशभूषा, हेरिटेज वॉक और स्थानीय व्यंजनों की खुशबू ने शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर में आयोजित कॉस्मो ट्रेड एंड बिल्ड फेयर एक्सपो 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में उद्यमियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग कर रही है।
इनवाइट वेरिफाई, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की लहार स्थित बहुचर्चित कोठी से जुड़ा मामला सामने आया है। इस प्रकरण पर चल रही सुनवाई में हाईकोर्ट ने डॉ. गोविंद सिंह की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि इस विवाद की सुनवाई का अधिकार सिविल न्यायालय को है और राजस्व विभाग द्वारा की गई नापतौल को सही ठहराया गया है।







