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💢डिस्काउंट💢भाटापारा बलौदाबाजार के ग्राम भोथीडीह (थाना मस्तूरी) से पिकनिक मनाने जा रहा एक परिवार रविवार को एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया। परिवार के 30 सदस्य पिकअप वाहन में सवार होकर तुरतुरिया (कसडोल) जा रहे थे। रास्ते में डोंगरीडीह (थाना लवन क्षेत्र) के पास पिकअप का पिछला चक्का बेरिंग सहित टूट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया।
️मासिक लाइक,तिलोई। रायबरेली में सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष समेत अन्य अधिवक्ताओं पर एफआईआर दर्ज होने के विरोध में सोमवार को तिलोई तहसील में अधिवक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज वकीलों ने तहसील परिसर में घूम-घूमकर रायबरेली शहर कोतवाल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते न्यायिक कार्य ठप रहा।
अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में चल रहे उर्स मेले में जायरीन के मोबाइल और जेब साफ करने वाली गैंग का दरगाह थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया। पुलिस ने महाराष्ट्र के मालेगांव और नासिक से जुड़े इस गिरोह के 8 बदमाशों को पकड़ा और उनके पास से करीब 25 लाख रुपये कीमत के 54 मोबाइल फोन बरामद किए। ये लोग मेले की भीड़ का फायदा उठाकर चोरी कर रहे थे।
अतिरिक्त अर्न, बहराइच में रविवार को धूप निकलने पर पार्क में खेलते बच्चे। -संवाद
तीन दशकों तक जंगलों में दहशत फैलाने वाले माओवादी संगठन का बालाघाट जिले से पूर्ण सफाया हो गया है। गुरुवार को जिले में सक्रिय बचे हुए दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ सुधाकर उर्फ मंगल उइके और उसके साथी रोहित (एसीएम, दर्रेकसा एरिया कमेटी) ने कोरका स्थित सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जिले में कोई हार्डकोर नक्सली नहीं रह गया है।
जिले के ग्राम मोहारा निवासी खोमेंद्र साहू की 11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से दर्दनाक मौत हो गई। जिला अस्पताल पुलिस चौकी से शनिवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के अनुसार, खोमेंद्र ने ग्राम कोचेरा में टेंट लगाने का काम किया था। 19 दिसंबर को टेंट निकालकर गाड़ी पर लोड करने के लिए वे ऊपर चढ़े, तभी ऊपर गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए।
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:53 PM IST
बोनस सब्सक्राइब, वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:02 PM IST
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विस्तारFollow Usपंजाब के गांवों और शहरों में घर के आंगन में दहकती लोहड़ी केवल लकड़ियों का अलाव नहीं है। यह उस सामाजिक चेतना का जीवंत प्रतीक है जिसमें वीरता, विद्रोह, किसान का संघर्ष और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की लौ सदियों से जलती आ रही है।
प्रीमियम सब्सक्राइब, सारअरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु जिस तरफ से आएंगे, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। 2024 में मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था।







