लॉग इन विथड्रॉ
डायमंड वॉच
फ्री कूपन, Inc
सर्वे पॉइंट्स
💢इंस्टेंट कमेंट💢विस्तारFollow Usमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को एक अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' से 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की राशि 10 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में डीबीटी के जरिए भेज दी है। उन्होंने 10 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से 1000 करोड़ रुपये की राशि का रिमोट का बटन दबाकर अंतरण किया। इसके पूर्व एक करोड़ 46 लाख लाभुक महिलाओं के खाते में 14 हजार 600 करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महिला लाभुकों से बातचीत की। महिलाओं ने सीएम नीतीश कुमार को धन्यवाद करते हुए कहा कि 10000 की राशि से काफी मदद मिली है इससे वह अपना रोजगार शुरू कर चुकी है और अपनी जरूरत को पूरा कर पा रही हैं। आइए जानते हैं प्रमुख तीन महिलाओं ने और क्या क्या अनुभव साझा किए...
️इंस्टेंट ऑनलाइन,कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अमर उजाला नेटवर्क, रामानुजगंज/बलरामपुरPublished by:आकाश दुबेUpdated Thu, 20 Nov 2025 06:51 PM IST
विज़िट पॉइंट्स,
सारBhilwara News: भीलवाड़ा पुलिस ने अपराधियों और माफियाओं का महिमामंडन करने वाले सात स्थानीय गायकों पर रोक लगा दी है। गानों को सोशल मीडिया से हटाने और भविष्य में ऐसे गीत न गाने की चेतावनी दी गई है।
विन, सारभोपाल में 11 और 12 जनवरी को मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट-2026 का आयोजन होगा, जिसमें देशभर के स्टार्टअप्स और निवेशक शामिल होंगे। दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में पिचिंग, सत्र, संवाद और निवेश के अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
डाउनलोड कूपन
भागलपुर नाथनगर थाना क्षेत्र के डोगछी बायपास पर शनिवार को हुए सड़क हादसे में 10वीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद दोनों को मायागंज अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान छात्र ने दम तोड़ दिया।
रिवॉर्ड्स सब्सक्राइब, राजस्थान की लोक परंपराएं अपने संवेदनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक स्नेह के लिए जानी जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘मायरा’, जिसमें भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में प्रेम, आदर और समर्पण के भाव से उपहार, वस्त्र और धन लेकर पहुंचते हैं। इस परंपरा की झलक बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र के सीनियाला गांव में देखने को मिली, जहां भाइयों ने मायरे में ऐसा योगदान दिया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।







