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️कूपन साइन अप,राजस्थान में घने कोहरे और शीतलहर के चलते कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू हो गया है। हालात को देखते हुए प्रदेश के 20 जिलों में आज से कक्षा 8 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं मौसम विभाग ने मंगलवार को 18 जिलों में कोहरा और शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।
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अमर उजाला नेटवर्क,अम्बिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 10 Jan 2026 02:50 PM IST
ऑटो में घूम-घूमकर सूने मकानों पर चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बालोद पुलिस ने चार चोरों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से सोने-चांदी के जेवरात सहित 3 लाख रुपये कीमत का माल, चोरी का ऑटो, कटर और तीन बाइक बरामद की गई।
बांदा। विकास खंड बडोखर की ग्राम पंचायत दुरेडी में मनरेगा के तहत कैटल शेड निर्माण के नाम पर सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना निर्माण कार्य कराए ही करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस अनियमितता के उजागर होने के बाद उपायुक्त श्रमारोजगार ने ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण मांगा है।
विशेष लाइक, बांसवाड़ा जिले के कलिंजरा थाना क्षेत्र के शंभुपुरा गांव में कथित रूप से चर्च जाने से इनकार करने पर एक युवक की उसके भाइयों ने रिश्तेदारों के साथ पीट-पीट कर हत्या कर दी। मृतक के परिवार ने आरोप लगाया है कि रिश्तेदार धर्म परिवर्तन कराना चाहते थे। इनकार करने पर पीटने के बाद सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर मार दिया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के बाद सौंप दिया है और जांच शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस ने जबरन चर्च ले जाने की बात से इनकार किया है।
नया बोनस विस्तारFollow Usआज बुधवार को बेमेतरा कलेक्टोरेट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने खुद के ऊपर पेट्रोल डाल ली। इसके बाद वह आत्महत्या की कोशिश की। युवक के पास माचिस भी था। हालांकि, समय रहते सुरक्षा में तैनात जवानों ने युवक के पास से माचिस छीन लिया। इससे बड़ी घटना होने से टल गई। युवक का नाम आरिफ बाठिया है,जो नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के नांदघाट का रहने वाला है।
शेयर कैश, कहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।







