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💢मासिक डिपॉजिट💢विस्तारFollow Usबांदा के पैलानी थाना इलाके के पचकौरी गांव में एक पिता ने अपने ही डेढ़ वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के इरादे से मासूम के शव को यमुना नदी की बीच धारा में फेंक दिया। इस वारदात के बाद आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
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अमर उजाला नेटवर्क, भाटापाराPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 05 Dec 2025 08:15 PM IST
इनाम, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Mon, 29 Dec 2025 05:39 PM IST
विस्तारFollow Usबागेश्वर जिले में भले ही अब तक बर्फबारी नहीं हुई हो, लेकिन लोगों को कड़ाके के ठंड का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। कपकोट के पिंडर घाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच रहा है। नलों में पानी जमने लगा है। लोगों को नल से पानी भरने के लिए 10 बजे तक इंतजार करना पड़ रहा है। धूप खिलने के बाद ही नल से लोग पानी भर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 2019 के बाद क्षेत्र में इस तरह की ठंड पड़ रही है।
राजस्थान में ट्रांस्पोर्ट विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार की कहानी आपको हैरान कर देगी। यहां परिवहन विभाग के अधिकारी गिरोह बनाकर वसूली का काम कर रहे हैं और वाहनों से अवैध वसूली के लिए दलालों के मार्फत कॉल सेंटर तक चला रहे हैं, जहां रिश्वत की राशि नकद के अलावा ऑनलाइन तक करने की सुविधा दी जा ही है। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार देर शाम परिवहन विभाग में फैले संगठित भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के निर्देशन में एसीबी की 12 टीमों ने अजमेर संभाग के ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर कार्यालयों से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों के 11 ठिकानों पर आकस्मिक सर्च ऑपरेशन चलाया ।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:37 PM IST
लाइक कैश, अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक 48 वर्षीय व्यक्ति, बबलू मंडल, की चाकू मारकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक युवती को हिरासत में लिया है, जबकि दो अन्य युवक अभी भी फरार हैं।
डिपॉजिट टास्क
आगरा। फतेहाबाद विद्युत वितरण मंडल में हुए 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर घोटाले को विभाग के बाबू नीरज पाठक ने ठेकेदारों के साथ गठजोड़ कर अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 50 टेंडरों के लिए आवेदन करते समय एक ही कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल किया गया। इस बात का खुलासा आवेदन करने में इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के समान आईपी एड्रेस से हुआ है।
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