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💢दैनिक वेरिफाई💢विस्तारFollow Usराजस्थान लोक सेवा आयोग की वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने के मामले में जिला स्पेशल टीम और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी करीब 18 महीने से फरार चल रहा था और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
️कैश ऑनलाइन,Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
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वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:40 PM IST
विज़िट फ्री, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:20 AM IST
इनाम रजिस्टर इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अक्सर निवेशक धर्मसंकट में फंस जाते हैं। उन्हें लार्ज-कैप फंड्स की स्थिरता चुननी चाहिए, मिड-कैप की ग्रोथ या फिर स्मॉल-कैप फंड्स का हाई रिटर्न? इस उलझन का एक सरल और प्रभावी समाधान है- फ्लेक्सी-कैप फंड।
सारशिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सदस्य और बीईओ ने विद्यालय पहुंचकर जांच की। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से स्कूल से हटाकर बीईओ कार्यालय तामिया में संलग्न कर दिया गया। हालांकि प्राचार्य ने अपने ऊपर लगे आरोपों को साजिश बताया है।
ईज़ी, अमरोहा। वो सात थे और चाचा (राशिद) अकेले...बाइक से कार छू जाने भर के बदले सातों ऐसे टूटे कि देखते-देखते राशिद बेसुध होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें बचाने की कोशिशें कामयाब न होती देख चाची (रुखसार) उनके आगे हाथ जोड़कर मिन्नतें करने लगीं, मासूम बच्चे गिड़गिड़ाते रहे मगर बेरहम हमलावरों को न बच्चों पर तरस आया और न रुखसार की रुलाई उन्हें पिघला सकी। राशिद को गिरा-गिरा कर तब तक लात-घूंसे बरसाए, जब तक वह दम तोड़ने की नौबत तक नहीं पहुंच गए।







