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लॉग इन पैसे, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:51 AM IST
अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के आचार्य तुलसी कैंसर विंग में एक 75 वर्षीय महिला मरीज को कथित तौर पर गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ा दिए जाने का मामला सामने आया है। इस लापरवाही के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई, हालांकि समय रहते इलाज मिलने से उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
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ऐप फ्रेंड्स, अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर/बीजापुर/सुकमाPublished by:आकाश दुबेUpdated Sun, 28 Dec 2025 07:03 PM IST
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वीडियो, विस्तारFollow Usसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया गया था। आरोप है कि उक्त अधिकारी ने वर्ष 2018 में ट्रेन यात्रा के दौरान एक महिला सहयात्री के सामने पेशाब किया और यात्रियों के साथ नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इस आचरण को “घृणित” और “चौंकाने वाला” बताते हुए टिप्पणी की कि ऐसे मामले में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।







