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💢स्टूडेंट विथड्रॉ💢सारनगर और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर इस बार बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठ रहे हैं। छात्रों में बोर्ड परीक्षा का भय कम करने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देशानुसार प्री-बोर्ड का प्रश्न पत्र पूरी तरह से यूपी बोर्ड के पैटर्न पर तैयार किया गया है।
️कम्पलीट मोबाइल,वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:51 PM IST
राजस्थान में बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए ताजा फेरबदल को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस निर्णय पर कड़ा एतराज जताते हुए राज्य की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। गहलोत ने इसे न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अव्यावहारिक बताया, बल्कि आमजन के हितों के खिलाफ लिया गया फैसला करार दिया है।
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आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बानसूर उपखंड में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में उपखंड प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राज्य सरकार से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत उपखंड की 23 ग्राम पंचायतों में वार्डों के पुनर्गठन का प्रारूप आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बन गया है, क्योंकि नए वार्ड बनने से कई राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उपखंड अधिकारी अनुराग हरित ने बताया कि वार्डों का नया निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर किया गया है। प्रशासन ने कोशिश की है कि वार्डों का बंटवारा पूरी तरह न्यायसंगत हो और सभी वार्डों में जनसंख्या का संतुलन बना रहे।
औरैया। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था इस समय डॉक्टरों के अभाव में बेपटरी है। डॉक्टर न होने से कई बार मरीजों को लौटना पड़ता है। जिला अस्पताल और सीएचसी में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने शासन से 40 डॉक्टरों की मांग की है।
लाइक टास्क, ख्वाजा गरीब नवाज के 814वें उर्स पर 5000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात- फोटो : credit
वेरिफाई फ्रेंड्स सारइलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने की वैज्ञानिक सर्वे की मांग में दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई स्थगित हो गई। अब अगली सुनवाई तीन जनवरी को होगी।
विस्तारFollow Usइक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अक्सर निवेशक धर्मसंकट में फंस जाते हैं। उन्हें लार्ज-कैप फंड्स की स्थिरता चुननी चाहिए, मिड-कैप की ग्रोथ या फिर स्मॉल-कैप फंड्स का हाई रिटर्न? इस उलझन का एक सरल और प्रभावी समाधान है- फ्लेक्सी-कैप फंड।
पैसे इनवाइट, बरेली में कैनविज कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी ने कंपनी के जरिये पिरामिड स्कीमों में अयोध्या के पांच लोगों के 2.32 करोड़ रुपये निवेश करवाकर हड़प लिए। अयोध्यावासी अपनी रकम पाने के लिए भटक रहे हैं। अयोध्या निवासी पांच निवेशकों ने बारादरी थाने में कन्हैया गुलाटी समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट कराई है।







