सिल्वर डिपॉजिट
मोबाइल स्टूडेंट
क्लिक सब्सक्राइब, Inc
पैसे
💢विशेष कम्पलीट💢बिजनौर में गांधी पार्क में उपवास पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता। संवाद
️दैनिक इंस्टेंट,सारभिंड जिले के मालनपुर में महिला उषा बघेल ने शक के चलते अपने नवजात बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। रोकने पर पति जगन्नाथ पर भी हमला किया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया। दंपति ने इसी साल कोर्ट मैरिज की थी, बाद में विवाद बढ़ गया।
गेट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:27 AM IST
बदायूं। शहर के आंबेडकर छात्रावास के पीछे स्थित नगर पालिका के ओवरहेड टैंक की सफाई के नाम पर पिछले छह दिन से पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। इससे जुड़े पांच वार्डों के करीब 50 हजार लोग पीने के पानी के लिए परेशानी झेल रहे हैं।
भिवानी। शहर का दायरा और आबादी बढ़ने के साथ ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांटों पर दूषित पानी की निकासी का दबाव बढ़ गया है। इतना ही नहीं औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए 18 करोड़ रुपये से बने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट भी पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण करीब दो साल से खामोश पड़ा है। बिना ट्रिटमेंट के दूषित पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में छोड़ा जा रहा है जिससे किसान सिंचाई से भी तौबा कर रहे हैं।
वेरिफाई ऑफर, विस्तारFollow Usभीलवाड़ा में आयोजित समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने स्वर्गीय शिवचरण माथुर और उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय सुशीला देवी माथुर की मूर्तियों का भव्य अनावरण किया।
कमाई विस्तारFollow Usराजस्थान में सर्दी का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को प्रदेश के 5 जिलों में शीतलहर और 9 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार को प्रदेश के केवल तीन शहरों को छोड़कर सभी जगह न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। माउंट आबू में लगातार दूसरे दिन तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं शेखावाटी और जयपुर संभाग के जिलों में सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन और गलन बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में अगले एक सप्ताह तक तेज सर्दी, शीतलहर और कोहरे की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
कैश क्लिक, जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







