शेयर लॉग इन
स्टूडेंट विथड्रॉ
फ्री पैसे, Inc
डिपॉजिट कलेक्ट
💢पॉइंट्स💢
️पुराना क्लिक,गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
धूप निकलने के बाद सड़क पर बढ़ा आवागमन का दबाव। संवाद
वेरिफाई कमेंट,
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:33 PM IST
जिले के ग्राम तलवाड़ा डेब में शादी के पांच साल बाद परिवार में जन्मी बच्ची की मौत ने पूरे परिवार को शोक में डाल दिया है। नविता पति राहुल कर्मा के यहां 29 दिन पहले बेटी का जन्म हुआ था। 16 नवंबर को बच्ची की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से जच्चा और बच्चा दोनों को इंदौर रैफर किया गया लेकिन 108 एंबुलेंस रास्ते में ही खराब होने से बच्ची को दूसरे वाहन में इंदौर ले जाना पड़ा। इसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने एंबुलेंस के खराब होने के कारण देरी होने पर बच्ची की मौत और चालक पर अभ्रदता का भी आरोप लगाया है।
कमाई, गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र के सिमार गांव में गोशाला में आग लगने से घास के छह ढेर (लूटे) जलकर राखा हो गए। ग्रामीणों की तत्परता से पशुहानि होने से बची। दमकल विभाग और ग्रामीणों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
फ्री कलेक्ट विस्तारFollow Usआगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। पंडितों ने अनिश्चितकाल के लिए हवन और अनुष्ठान बंद कर मंदिर परिसर में ही धरना दे दिया है।
टास्क, इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत विशेष है। 14 जनवरी को 11 वर्षों के बाद मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का महासंयोग बन रहा है। इससे पहले यह दुर्लभ योग वर्ष 2015 में बना था। ऐसी मान्यता है कि यह महासंयोग सभी बिगड़े कार्यों को बनाने वाला और अविवाहित जातकों के लिए वरदान सिद्ध होने वाला है।







