इनवाइट रिवॉर्ड्स
बोनस
प्लेटिनम मोबाइल, Inc
गोल्ड स्टूडेंट
💢कलेक्ट💢सारसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक में बुधवार को कोदो कुटकी का पेज पीने से तीन लोग बेहोश हो गए जिन्हें उपचार के लिए चिकित्सालय में दाखिल कराया गया है जहां उनकी हालत स्थिर है।
️गेट पॉइंट्स,कप्तानगंज। गन्ना लदे ट्रक-ट्राला राहगीरों लिए खतरा बना हुए हैं। जिम्मेदार इन पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने गन्ना लदे ओवरहाईट वाहनों के संचलन पर रोक लगाने की मांग की है। कप्तानगंज थाना क्षेत्र में मसौधा, बभनान, मुंडेरवा, रुधौली सहित कई चीनी मिलों का गन्ना क्रय केंद्र है। इन केंद्रों से प्रतिदिन सैकड़ों गन्ना लदे ओवरहाईट ट्रक-ट्राला कप्तानगंज चौराहे से गुजरते हैं। ओवरहाईट होने के चलते वाहनों के पलटने का खतरा बना रहता है।
Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
मासिक स्टूडेंट, Donald TrumpBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंडSchool Closed
USMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Polls
वेरिफाई, Donald Trumpआज का शब्दBharat RatnaUPIran UnrestIND vs NZNew ZealandJ&Kराज ने बताया क्यों उद्धव के साथ आए?दिल्ली-NCR में पड़ रही हाड़ कांपने वाली ठंड
फ्री विस्तारFollow Usजिले में शनिवार को नरेश मीणा पर हुए हमले के बाद इलाके में तनावपूर्ण हालात बन गए। अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर हमला कर शीशे तोड़ दिए। घटना से नाराज नरेश मीणा के समर्थकों ने पूर्व सरपंच के घर पर पथराव किया और एक कार में आग लगा दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया।
विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
स्टूडेंट, सारआने वाले कुछ दिनों तक राहत का यह सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि जनवरी का महीना अभी बाकी है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है।







