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संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:01 PM IST
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अयोध्या। श्रीराम मंदिर के साथ अब राम ध्वज भी आस्था और पहचान का नया प्रतीक बनता जा रहा है। रामलला के दर्शन के बाद श्रद्धालु अपने साथ राम ध्वज ले जाना आस्था की पूर्णता मान रहे हैं। यही वजह है कि राम ध्वज अब सिर्फ एक धार्मिक ध्वज नहीं, बल्कि आस्था का ब्रांड बन चुका है। दुकानदारों के अनुसार रोजाना पांच हजार से अधिक राम ध्वज की बिक्री हो रही है।
130.. आगरा कैंट स्थित समान अधिकार पार्टी के कार्यालय पर पूर्व एडीएम राजीव पांडे को उत्तर प्रदेश
इनवाइट बोनस, विस्तारFollow Usबांसवाड़ा के समीपवर्ती डूंगरपुर जिले के रामसागड़ा थाना क्षेत्र के गामड़ी अहाड़ा गांव की छाबड़ी बस्ती में शनिवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब झाड़ी में छिपे एक तेंदुए ने सड़क से गुजर रहे तीन लोगों पर अचानक हमला कर दिया। यह हमला खेतों के पास स्थित एक झाड़ी से हुआ, जहां तेंदुआ कुछ समय से छिपा बैठा था। हमले में तीनों व्यक्ति घायल हो गए, जिनमें से एक के जबड़े पर गंभीर चोट आई है। उसे तत्काल अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया।
स्टूडेंट कम्पलीट विस्तारFollow Usसऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शव को भारत लाने के लिए इंतजार कर रहे मृतक के परिवारजनों का इंतजार एक महीने बाद खत्म हुआ है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि संसदीय क्षेत्र के बालोतरा जिले के सोहड़ा (गिड़ा) निवासी युवक स्व.रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्तूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज) एवं रोशन अली (जाजवा, गिड़ा) के साथ रोजगार हेतु अरब के दोहा (क़तर) गया था। दुर्भाग्यवश 17 नवंबर 2025 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय पुलिस कार्रवाई एवं मेडिकल पोस्टमार्टम की लंबी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में अत्यधिक विलंब हुआ।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Sat, 06 Dec 2025 07:49 PM IST
सर्वे कैश, विस्तारFollow Usकेंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए जा रहे बदलावों के विरोध में अजमेर देहात कांग्रेस कमेटी ने नसीराबाद में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक दिवसीय उपवास आयोजित किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और मनरेगा श्रमिकों ने शांतिपूर्ण तरीके से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।







