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💢वेरिफाई इनवाइट💢मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इस साल चार दिन स्थानीय अवकाश के रूप में घोषित किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। इन दिनों शहर के सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। भोपाल में घोषित अवकाश में मकर संक्रांति, महानवमी और अनंत चतुर्दशी के साथ-साथ गैस त्रासदी की बरसी शामिल है। इन अवसरों पर सरकारी कामकाज प्रभावित रहेगा। आदेश के अनुसार, 14 जनवरी 2026, बुधवार को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में छुट्टी रहेगी। 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी और 19 अक्टूबर, सोमवार को महानवमी के दिन भी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। वहीं, 3 दिसंबर, बुधवार को भोपाल शहर में गैस त्रासदी की बरसी पर भी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इस प्रकार, भोपाल के निवासियों को इस साल कुल चार दिन सरकारी कार्यालयों से संबंधित कामकाज में अवकाश रहेगा।

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विस्तारFollow Usबिहार में हाड़ कंपाने वाली ठंड ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। साल के आखिरी दिन कई जिलों में घना कोहरा है। लोग अपने घर में ही कैद हैं।पटना के स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं।राज्य का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री (गया) तक पहुंच गया है। पटना में कई दिनों बाद आज सुबह धूप निकली लेकिन फिर भी न्यूनतम तापमान आज सुबह नौ डिग्री दर्ज किया गया है। एक जनवरी तक बिहार के 25 जिलों में शीत दिवस (कोल्ड डे) का ऑरेंट अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 33 जिलों में घना कुहासा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के पांच जिलों का तापमान सात डिग्री से भी कम दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 31 जनवरी की सुबह गया का तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भागलपुर (सबौर) का 5.6 डिग्री सेल्सियस, नालंदा (राजगीर) का 5.8 डिग्री सेल्सियस, सारण (छपरा) का 6.3 डिग्री सेल्सियस, औरंगाबाद का 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान है। यानी इस सीजन में पहली बार इतनी ठंड पड़ी है।

डिपॉजिट, अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांवPublished by:Digvijay SinghUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:51 PM IST

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:07 PM IST

पैसे ईज़ी, विस्तारFollow Usजिले में धान खरीदी व्यवस्था एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। उपार्जन केंद्रों से धान का समय पर उठाव न होने के कारण, जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नौ जनवरी 2026 से जिले में धान खरीदी बंद करनी पड़ सकती है।

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विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की लहार स्थित बहुचर्चित कोठी से जुड़ा मामला सामने आया है। इस प्रकरण पर चल रही सुनवाई में हाईकोर्ट ने डॉ. गोविंद सिंह की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि इस विवाद की सुनवाई का अधिकार सिविल न्यायालय को है और राजस्व विभाग द्वारा की गई नापतौल को सही ठहराया गया है।

कमाई क्लिक, चरखी दादरी। दादरी जिले में भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही पानी में फ्लोराइड व लवणीयता की मात्रा भी बढ़ चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के बाढड़ा क्षेत्र को पहले डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। हालांकि 2018 में किसानों की मांग और हल्के सुधार के साथ डार्क जोन से बाहर कर दिया था। पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि अब शहर ही नहीं, गांवों में भी लोग आरओ और कैंपर से पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं। बाढड़ा क्षेत्र में भूजल स्तर करीब 260 फीट नीचे पहुंच चुका है। लगातार दोहन और प्राकृतिक जल स्रोतों के खत्म होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। दादरी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में भूजल लवणीय और सोडिक पाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

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