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💢स्टूडेंट कमाई💢Tariff Threatईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?BiharBangladeshUttarakhandUSUP CrimeReal Madridकपसाड़ कांडआज के दिन
️वेरिफाई ऑफर,सारRohtas News: रोहतास जिले में चार दिन से लापता आईटीआई छात्र विष्णु कुमार सिंह का शव दिनारा थाना क्षेत्र में कुएं से मिला। वह दोस्त की बर्थडे पार्टी के लिए घर से निकला था। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर जांच कर रही है।
विस्तारवॉट्सऐप चैनल फॉलो करेंबिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित होने वाली चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के 40 दिन बाद बिहार लौटते ही राजद भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पार्टी ने अब शिक्षक अभ्यर्थियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। राजद ने मांग की है कि चौथे चरण में कम से कम एक लाख पदों पर बहाली निकाली जाए।
गेट लॉग इन, अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Fri, 09 Jan 2026 03:57 PM IST
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विस्तारFollow Usबीकानेर में भारतीय परिवहन मजदूर संघ के 26वें त्रैवार्षिक अखिल भारतीय अधिवेशन का शुभारंभ शनिवार को गंगाशहर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में हुआ। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने मजदूरों की भूमिका, आर्थिक प्रगति तथा स्वदेशी के महत्व पर अपने विचार रखे।
पत्रकारों से बात करते डीजीपी गाैरव यादव- फोटो : अमर उजाला
गोल्ड डाउनलोड,
प्लेटिनम कैश बरामद सामग्री के साथ मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी।- फोटो : अमर उजाला
जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
रिसीव साइन अप, विस्तारFollow Usईरान में दो हफ्ते पहले शुरू हुआ सरकार विरोधी आंदोलन अब विशाल रूप ले चुका है। आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के असर के चलते शुरू हुए विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। स्थिति यह है कि तेहरान में व्यापारियों का गढ़ कहे जाने वाला ग्रैंड बाजार इन प्रदर्शनों का केंद्र बना हुआ है और आर्थिक संकट के खिलाफ उठी आवाज अब सत्ता परिवर्तन की आवाज में बदल चुकी है। इस आंदोलन में अब तक 646 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है, जबकि 10 हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आ रही है।







