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💢डिस्काउंट💢संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:00 AM IST
️मासिक कलेक्ट,नन्हेडा में बस की इंतजार करते यात्री ठंड में ठिठुरते हुए। संवाद
बस्ती। मुंडेरवा थाना क्षेत्र के मेहड़ा सैदवार निवासी गुलाब चंद्र का जालसाजों ने लिंक के जरिये मोबाइल हैक कर बैंक खाते से 1.62 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। मुंडेरवा थाना क्षेत्र के मेहड़ा सैदवार निवासी गुलाब चंद्र ने तहरीर देकर बताया है कि तीन जनवरी को दोपहर करीब 2:50 दो बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से लिंक आया।
मासिक पॉइंट्स, सारभाटापारा में एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। ग्राम खोलवा स्थित लक्ष्मी अपार्टमेंट के सामने बुधवार को चार लोगों से सवार एक बाइक ट्रेलर की चपेट में आ गई।
गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
औरैया। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था इस समय डॉक्टरों के अभाव में बेपटरी है। डॉक्टर न होने से कई बार मरीजों को लौटना पड़ता है। जिला अस्पताल और सीएचसी में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने शासन से 40 डॉक्टरों की मांग की है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर परिसर में फायर सेफ्टी के लिए बनाया गया पंप हाउस।
बोनस, माघ मेले में पहुंचे सेंट वाले बाबा।- फोटो : अमर उजाला।
रिसीव विन शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और बीडीओ विक्रम जांगीड़ के बीच तीखी बहस- फोटो : अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:06 PM IST
सर्वे, विस्तारFollow Usराजस्थान के नवनिर्मित जिले खैरथल-तिजारा के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पीड़ित कर्मचारी ने व्यवस्था से तंग आकर विरोध का सबसे चरम रास्ता चुना। जब कलेक्ट्रेट में आम दिनों की तरह कामकाज चल रहा था, एक कर्मचारी अचानक मुख्य द्वार के पास पहुंचा और कड़ाके की ठंड के बावजूद अपने कपड़े उतारकर निर्वस्त्र हो गया।







