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💢वॉच इनवाइट💢थाना सकरी क्षेत्र में मंगलवार को जमीन विवाद एक खौफनाक वारदात में बदल गया। भैराबांधा तालाब के पास 48 वर्षीय मनबोध यादव का खून से लथपथ शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के पुत्र मयंक यादव (20) ने थाना पहुंचकर जानकारी दी कि उसके पिता का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा है।
️डिपॉजिट अर्न,दिल्ली धमाके के बाद राजस्थान में तेज हुई सघन जांच- फोटो : अमर उजाला
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डिस्काउंट इनवाइट, संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Thu, 08 Jan 2026 10:52 PM IST
चहनिया। बलुआ थाना क्षेत्र के चहनिया कस्बा में ऑटो पकड़ने आई महिला को बदमाशों ने पहले गिरा हुआ नोट दिखाकर झांसा देने की कोशिश की। इस दौरान महिला बदमाशों के झांसे में नहीं आई। इसके बाद महिला जब ऑटो में बैठी तो बदमाशों ने उन्हें चोरों के सक्रिय होने की बात कहते हुए सभी आभूषणों को पर्स में रखने की सलाह दी। इस दौरान महिला जब अपने आभूषणों को पर्स में रखने लगी तभी बदमाश उनसे आभूषण छीनकर भाग गए। शुक्रवार की सुबह महिला ने थाने आकर तहरीर दी। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Sat, 10 Jan 2026 04:59 PM IST
मेगा विन, पंजाब सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त हो चुकी परियोजनाओं के लिए अब दो साल का विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से वर्ष 2014 के बाद मंजूर परियोजनाओं पर लागू होगी।
विज़िट लाइक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेरPublished by:मुंगेर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:21 PM IST
विस्तारFollow Usबीजापुर में विधायक विक्रम मंडावी ने आज जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग का बीजापुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची लागू है। 25 जनवरी 1994 से पंचायती राज व्यवस्था के साथ ही प्रदेश में पेसा कानून भी लागू है। इनके तहत ग्राम सभा सर्वोपरि है और गांव में किसी भी विकास कार्य के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। यह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है।
मेगा विज़िट, राजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।







