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💢वॉच फ्री💢गांव फजलपुर में शनिवार की सुबह घेर में बंधे बैल की रस्सी खोलकर उठाते समय अचानक खड़े हुए बैल की सींग महिला के पेट में घुस गई। इससे घायल महिला की उपचार के दौरान शनिवार की अलीगढ़ में मौत हो गई।
️वीआईपी शेयर,सऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शव को भारत लाने के लिए इंतजार कर रहे मृतक के परिवारजनों का इंतजार एक महीने बाद खत्म हुआ है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि संसदीय क्षेत्र के बालोतरा जिले के सोहड़ा (गिड़ा) निवासी युवक स्व.रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्तूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज) एवं रोशन अली (जाजवा, गिड़ा) के साथ रोजगार हेतु अरब के दोहा (क़तर) गया था। दुर्भाग्यवश 17 नवंबर 2025 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय पुलिस कार्रवाई एवं मेडिकल पोस्टमार्टम की लंबी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में अत्यधिक विलंब हुआ।
बलिया। जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और कैशलेस बनाने की दिशा में शासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अब 20,000 रुपए से अधिक की रजिस्ट्री फीस का भुगतान अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। नकद भुगतान का विकल्प समाप्त कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 12 जनवरी से प्रदेश के सभी जनपदों में लागू होगी।
सुपर वॉच, MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बालाघाट नगरपालिका की बड़ी लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया है। करीब 1 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपये की राशि ऐसे 133 हितग्राहियों को जारी कर दी गई, जिन्होंने आवास का निर्माण ही नहीं किया। अक्तूबर में मामला उजागर होने के बाद से नगर पालिका वसूली के लिए जूझ रही है।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:37 PM IST
गोल्ड इनवाइट,
साप्ताहिक रिवॉर्ड्स विस्तारFollow Usकहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।
नया रिसीव, संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:39 AM IST







