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💢छोटा डाउनलोड💢Baran News:जिले के ग्राम पंचायत दांता में सरकारी पैसे के बंदरबाट का एक नजारा देखने के लिए मिला है। जहां विधायक कोष से बनने वाले चबूतरे के नाम पर ठेकेदार ने पुराने चबूतरे की मरम्मत करके खानापूर्ति कर दिया है।
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दुबौलिया। थाना क्षेत्र के सैनिया चौराहे पर शनिवार की रात चोर एक मेडिकल स्टोर का ताला तोड़कर सामान समेट ले गए। रविवार की सुबह करीब आठ बजे बगल के लोगों ने मेडिकल स्टोर का ताला टूटा देख उसके संचालक को सूचना दी। संचालक ने दुकान की जांच के बाद बताया कि चोर काउंटर में रखे 15 हजार रुपये, दवाएं ओर इन्वर्टर बैटरी आदि चुरा ले गए है।
विथड्रॉ गेट, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
बलिया। आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को एसआईआर के बाद जिले के सातों विधानसभा क्षेत्र में नए सिरे से चुनावी गणित बैठानी होगी। बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में जीत के अंतर से 4 गुना तक वोट हैं। एसआईआर ने जिले के सात विधान सभा क्षेत्र में मतदाता सूची से कटे नाम से अब चुनावी समीकरण बदला होगा। इसके लिए राजनैतिक दलों को नए समीकरण के साथ मैदान में कसरत करनी पड़ेगी। 2022 विधान सभा चुनाव के नतीजों पर गौर किया जाय तो प्रत्याशियों के जीत के अंतर से 12 गुना तक नाम एसआईआर में कटे हैं। जिसके कारण आने वाले विधान सभा चुनाव में एक अलग तरह की चुनौती हर दल के प्रत्याशियों की होगी। जिले में बांसडीह विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में सबसे अधिक 82619 नाम कटे हैं।
विस्तारFollow Usबालोद जिले में नेशनल हाईवे पर पुटटू ढाबा के सामने खड़े एक युवक को बस ने ठोकर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान महेंद्र रावटे पिता बृजलाल रावटे, निवासी हटकेसर वार्ड, धमतरी के रूप में हुई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
डिपॉजिट, सारभारतमाला हाईवे पर हुए हादसे मे एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई।
डाउनलोड जिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Mon, 22 Dec 2025 06:42 PM IST
वीआईपी विथड्रॉ, संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:52 AM IST







